Moradabad encounter Monty shooter killed:मुरादाबाद में बुधवार को एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात उधम सिंह गैंग के शार्प शूटर आशु चड्ढा उर्फ मोंटी को मुठभेड़ में मार गिराया गया। 50 हजार रुपये का इनामी मोंटी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था और हाल ही में एक बड़े कारोबारी से रंगदारी मांगने के मामले में वांछित था।
यह मुठभेड़ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पोस्टमार्टम हाउस के पास हुई। पुलिस के अनुसार, सटीक सूचना के आधार पर एसटीएफ मेरठ फील्ड यूनिट और मुरादाबाद पुलिस ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी की थी। खुद को घिरता देख मोंटी ने पुलिस टीम पर अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल अवस्था में उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि मोंटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी था और उस पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 36 संगीन मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के मुताबिक, मोंटी ने हाल ही में मुरादाबाद के एक प्रतिष्ठित निर्यातक से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और उन पर जानलेवा हमला भी किया था। इस घटना के बाद से वह पुलिस की नजर में था और उसकी तलाश तेज कर दी गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आशु चड्ढा का आपराधिक सफर साल 2010 में शुरू हुआ था, जब वह हत्या के एक मामले में पहली बार जेल गया था। जेल के दौरान ही उसका संपर्क उधम सिंह गैंग से हुआ और बाहर आने के बाद वह गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया। धीरे-धीरे वह गैंग का भरोसेमंद शार्प शूटर बन गया और कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं। इनमें एक स्विफ्ट कार, .32 बोर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री मेड पिस्टल, .32 बोर की रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक, कई जिंदा कारतूस और खोखे शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मोंटी पूरी तैयारी के साथ आया था, जिससे साफ है कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।

