मुनादी कराकर पुलिस ने छीनी गैंगस्टर की 35 बीघा जमीन; अपराध से कमाई पाई-पाई का हिसाब शुरू

मुजफ्फरनगर में गैंगस्टर जाहिद और उसके दो बेटों, खालिद व आमिर की ₹15.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। रतनपुरी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 35 बीघा जमीन और तीन वाहन जब्त कर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त किया।

Muzaffarnagar

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टर जाहिद और उसके दो बेटों—खालिद व आमिर—के विरुद्ध प्रशासन ने कठोर आर्थिक कार्रवाई की है। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी लगभग 15.50 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को कुर्क (Seize) कर लिया है।

कुर्क की गई संपत्तियों में हुसैनाबाद, रियावली और धनवाड़ा जैसे गांवों में स्थित कुल 35 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि शामिल है। इसके अलावा, पुलिस ने अपराध की कमाई से खरीदे गए वाहनों पर भी शिकंजा कसा है, जिसमें एक पिकअप वाहन और दो मोटरसाइकिलें (एक स्प्लेंडर और एक अन्य यूपी12 नंबर की बाइक) जब्त की गई हैं।

गोकशी और संगठित अपराध से खड़ा किया साम्राज्य

Muzaffarnagar एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि गैंग लीडर जाहिद अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर लंबे समय से एक संगठित गिरोह चला रहा था। यह गिरोह मुख्य रूप से गोकशी (Cow Slaughter) जैसी अवैध गतिविधियों में लिप्त था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जाहिद और उसके बेटों ने गोकशी और अन्य आपराधिक कृत्यों से अर्जित काले धन का निवेश बड़े पैमाने पर बेनामी जमीन खरीदने और वाहन जुटाने में किया था।

बाप-बेटों की इस तिकड़ी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। इन पर हत्या, हत्या का प्रयास और गौकशी जैसी गंभीर धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। अकेले जाहिद के खिलाफ गौकशी के 5 मामले और उसके बेटे खालिद पर गैंगस्टर एक्ट समेत 9 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।

आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति

Muzaffarnagar पुलिस प्रशासन का मानना है कि गिरफ्तारी के साथ-साथ अपराधियों की आर्थिक ताकत को खत्म करना भी अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से, गैंगस्टर एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल होने के बाद जिला अधिकारी (डीएम) को संपत्ति कुर्की की रिपोर्ट भेजी गई थी। डीएम की अनुमति मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ हुसैनाबाद और आसपास के गांवों में ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराई गई और जमीन पर सरकारी बोर्ड लगाकर उसे प्रशासन के कब्जे में ले लिया गया।

एसएसपी Muzaffarnagar ने स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी जो समाज में भय फैलाकर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करते हैं। इस कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

अब सैलरी अकाउंट नहीं, ‘सुरक्षा कवच’ कहिए: सरकार ने लॉन्च किया नया खाता!

Exit mobile version