चलती ट्रेन से किडनैपिंग: ‘एक ऑनलाइन पेमेंट’ ने बिगाड़ा खेल, सलाखों के पीछे पहुंचे बच्चा चोर।

नंदनकानन एक्सप्रेस में महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर उसका 10 महीने का बच्चा चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बच्चा दादरी के एक दंपति को 3.5 लाख में बेचा था, जिसे सर्विलांस की मदद से बरामद किया गया।

Nandankanan Express

Nandankanan Express Theft: उत्तर प्रदेश में रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने नंदनकानन एक्सप्रेस से चोरी हुए 10 महीने के मासूम को महज 6 दिनों के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। 15 जनवरी को अलीगढ़ से कोडरमा की यात्रा के दौरान, एक शातिर अपराधी ने मासूम की मां को नशीला लड्डू खिलाकर बेहोश कर दिया और बच्चे को लेकर फरार हो गया। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा मोबाइल लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू सिंह के साथ दादरी के एक निसंतान दंपति को भी गिरफ्तार किया है, जिन्होंने इस बच्चे को साढ़े तीन लाख रुपये में खरीदा था। अलीगढ़ और इटावा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने न केवल गिरोह का पर्दाफाश किया, बल्कि मासूम को उसकी मां से दोबारा मिलवाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।

वारदात का घटनाक्रम

15 जनवरी को मुन्नी अंसारी अपने 10 महीने के बेटे मोहम्मद इब्राहिम के साथ अलीगढ़ से कोडरमा (झारखंड) जाने के लिए Nandankanan Express के जनरल कोच में सवार हुई थीं। सफर के दौरान इटावा स्टेशन के पास एक अज्ञात युवक ने उनसे जान-पहचान बढ़ाई और झांसे में लेकर उन्हें नशीला पदार्थ मिला हुआ लड्डू खिला दिया। महिला के बेहोश होते ही आरोपी युवक बच्चे को लेकर फतेहपुर स्टेशन पर उतर गया। जब महिला को होश आया, तो बच्चा गायब देख उनके होश उड़ गए।

डिजिटल सुराग ने पहुँचाया सलाखों के पीछे

घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस और सर्विलांस सेल सक्रिय हुई। अलीगढ़ जंक्शन के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध व्यक्ति टिकट विंडो पर मुन्नी अंसारी के पीछे खड़ा दिखाई दिया। जांच में पता चला कि उस संदिग्ध ने अपने टिकट का भुगतान मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन किया था। आगरा सर्विलांस सेल की मदद से जब उस मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया, तो उसकी पहचान बुलंदशहर निवासी सोनू सिंह के रूप में हुई।

छापेमारी और बरामदगी

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन का पीछा करते हुए गौतम बुद्ध नगर के रोजा जलालपुर क्षेत्र में छापेमारी की और सोनू सिंह को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में सोनू ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने बच्चे को दादरी के तुलसी विहार निवासी अशोक कुमार और उसकी पत्नी पूनम को 3.5 लाख रुपये में बेच दिया है।

पुलिस टीम तुरंत अशोक के घर पहुंची, जहां मासूम इब्राहिम सही-सलामत मिल गया। दंपति ने स्वीकार किया कि उनके पास कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने सोनू से यह बच्चा खरीदा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और बच्चा उसकी मां को सौंप दिया गया है।

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