यूपी में ‘ब्राह्मण’ कार्ड खेलेंगे शरद पवार: ‘स्वाभिमान यात्रा’ से मचेगा सियासी कोहराम!

एनसीपी उत्तर प्रदेश में 'ब्राह्मण स्वाभिमान यात्रा' शुरू करेगी, जिसका उद्घाटन शरद पवार लखनऊ से करेंगे। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार में ब्राह्मणों, दलितों और अल्पसंख्यकों की उपेक्षा हो रही है। यह यात्रा सामाजिक न्याय के लिए निकाली जा रही है।

Brahmin

Brahmin Swabhiman Yatra: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) उत्तर प्रदेश की सियासत में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए एक बड़ा दांव खेलने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के.के. शर्मा ने बुलंदशहर में घोषणा की कि एनसीपी जल्द ही पूरे प्रदेश में ‘ब्राह्मण स्वाभिमान यात्रा’ निकालेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा सरकार के कार्यकाल में ब्राह्मण समाज के प्रति हो रही कथित उपेक्षा और अपमान को मुद्दा बनाना है। पार्टी प्रमुख शरद पवार लखनऊ में इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ करेंगे। एनसीपी का मानना है कि यह यात्रा न केवल ब्राह्मणों, बल्कि दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए भी एक साझा मंच तैयार करेगी, जिससे प्रदेश में सामाजिक न्याय के नए समीकरण बनेंगे।

सामाजिक न्याय और सम्मान की लड़ाई

बुलंदशहर के एक निजी होटल में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए के.के. शर्मा ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में Brahmin समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। शर्मा के अनुसार, भाजपा सरकार ने सत्ता पाने के लिए इस वर्ग का इस्तेमाल किया, लेकिन अब उन्हें हाशिए पर धकेल दिया गया है। ‘ब्राह्मण स्वाभिमान यात्रा’ इसी “अपमान” के खिलाफ एक विरोध का स्वर है।

सभी वर्गों को जोड़ने का प्रयास

एनसीपी ने स्पष्ट किया है कि भले ही इस यात्रा का नाम ‘Brahmin Swabhiman Yatra’ है, लेकिन इसका स्वरूप समावेशी होगा। यात्रा के दौरान:

सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल

के.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार की ‘बुलडोजर नीति’ और ‘एनकाउंटर’ की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था की विफलता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा किए जा रहे “फर्जी एनकाउंटर” से आम जनता में भय का माहौल है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों पर एक “विशेष जाति” के अधिकारियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बिगड़ रहा है।

युवा और महंगाई का मुद्दा

प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है और महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। एनसीपी इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत विकल्प पेश करेगी।

कल मना जन्मदिन, आज मिली मौत: फरीदपुर विधायक की ‘अंतिम विदाई’ ने सबको झकझोरा।

Exit mobile version