लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने नेहा सिंह राठौर को गिरफ्तारी से बचाया।

सुप्रीम कोर्ट ने लोकगायिका नेहा सिंह राठौर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। पहलगाम हमले और पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद, शीर्ष अदालत ने उन्हें यह बड़ी राहत दी है।

Neha Singh Rathore

Neha Singh Rathore Supreme Court Arrest Stay: लोकप्रिय भोजपुरी लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 7 जनवरी 2026 को उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद उनके द्वारा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को लेकर कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद नेहा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक नेहा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

क्या है पूरा विवाद?

यह कानूनी विवाद पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद शुरू हुआ। इस दुखद घटना में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। हमले के तुरंत बाद Neha Singh Rathore ने अपने सोशल मीडिया (X) हैंडल पर एक पोस्ट साझा की थी। शिकायतकर्ता, कवि अभय निर्भीक का आरोप है कि नेहा की पोस्ट न केवल अपमानजनक थी, बल्कि उससे राष्ट्रीय अखंडता को खतरा पैदा हुआ और धार्मिक आधार पर वैमनस्य फैलाने की कोशिश की गई।

लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में दर्ज इस एफआईआर में नेहा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें सांप्रदायिक घृणा फैलाना और देश की संप्रभुता को खतरे में डालने जैसे आरोप शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और शर्तें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व में यह कहते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि नेहा जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए कुछ अनिवार्य शर्तें भी रखी हैं:

नेहा सिंह राठौर की प्रतिक्रिया

राहत मिलने के बाद Neha Singh Rathore ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मेरी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इस बड़ी राहत के लिए धन्यवाद।” इससे पहले नेहा का कहना था कि उन्होंने केवल सरकार से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल पूछे थे और उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया।

इस मामले की अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद होनी तय हुई है, तब तक नेहा को पुलिस जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।

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