Noida International Airport Bareilly connectivity: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बरेली से सीधे जोड़ने वाली एक्सप्रेस-वे लिंक परियोजना अब हकीकत बनने जा रही है। यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले इस नए लिंक रोड से न केवल यात्रा का समय 6-7 घंटे से घटकर मात्र 4 घंटे रह जाएगा, बल्कि दूरी में भी 45 किलोमीटर की कमी आएगी। 2027 तक पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे शहरों को सीधे वैश्विक मानचित्र से जोड़ेगा। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे। यह कनेक्टिविटी नोएडा एयरपोर्ट की उपयोगिता को बढ़ाते हुए क्षेत्र में रियल एस्टेट और रोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती और रफ्तार मिलना तय है।
2027 तक पूरा होगा लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार की दूरगामी सोच के परिणामस्वरूप, Noida International Airport (जेवर) और बरेली के बीच की दूरी अब सिमटने वाली है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक विशेष ‘लिंक रोड’ का निर्माण शुरू हो चुका है। वर्तमान में, बरेली से दिल्ली-एनसीआर पहुंचने के लिए यात्रियों को अलीगढ़ या आगरा के भीड़भाड़ वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है, लेकिन यह नया मार्ग एक हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस Noida International Airport परियोजना का प्रथम चरण गति पकड़ चुका है। निर्माण कार्य के लिए 2027 की समयसीमा निर्धारित की गई है। अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों और उच्च गुणवत्ता वाले इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ तैयार होने वाला यह रूट सुनिश्चित करेगा कि भारी मालवाहक वाहनों और यात्रियों को निर्बाध गति मिले।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस सीधी कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ ‘लॉजिस्टिक्स सेक्टर’ को होगा। बरेली का फर्नीचर उद्योग, जरी-जरदोजी का काम और अन्य स्थानीय उत्पादों की पहुंच अब सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसान हो जाएगी। कम समय और कम लागत में माल की ढुलाई होने से उद्यमियों को सीधा मुनाफा होगा।
इसके अतिरिक्त, पर्यटन के क्षेत्र में भी बड़ी क्रांति की उम्मीद है। बरेली के आसपास के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से विदेशी पर्यटकों का रुझान इस ओर बढ़ेगा।
रियल एस्टेट और रोजगार का विस्तार
एक्सप्रेस-वे के किनारे नई टाउनशिप, वेयरहाउसिंग हब, और होटलों के निर्माण की योजनाएं भी आकार लेने लगी हैं। इससे न केवल भूमि की कीमतों में उछाल आएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब बरेली के निवासियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली या लखनऊ जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे अपने घर के पास से ही वैश्विक उड़ान भर सकेंगे।










