Site icon News1India

नोएडा में एमओयू का ‘फर्जी खेल’ खत्म: जमीन डकार कर बैठे उद्योगपतियों पर गिरी गाज, 76 प्लॉट निरस्त!

Noida industrial plots

Noida industrial plots: नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने औद्योगिक विकास को रफ्तार देने और भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। इन्वेस्ट यूपी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जिले में 400 से अधिक औद्योगिक भूखंडों पर वर्षों बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। इसके बाद हुई गहन जांच में नोएडा अथॉरिटी ने 63 नॉन-फंक्शनल प्लॉट्स को चिन्हित किया, जिनमें से कई का आवंटन यूपी इन्वेस्टर समिट के दौरान एमओयू के जरिए हुआ था। वहीं, ग्रेटर Noida अथॉरिटी ने निर्माण न करने वाले 13 आवंटियों के प्लॉट निरस्त कर दिए हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जमीन केवल औद्योगिक उपयोग के लिए है, निवेश के खेल के लिए नहीं।

कार्रवाई का मुख्य विवरण

Noida प्राधिकरणों द्वारा की गई इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन लोगों से जमीन वापस लेना है जिन्होंने केवल जमीन कब्जाने के उद्देश्य से कागजी समझौते किए थे।

विवरण

Noida प्राधिकरण

ग्रेटर Noida प्राधिकरण

निरस्त/चिन्हित प्लॉट

63 औद्योगिक भूखंड

13 औद्योगिक भूखंड

जांच का आधार

इन्वेस्ट यूपी की रिपोर्ट (400+ प्लॉट खाली)

वर्ष 2008 से लंबित निर्माण कार्य

अधिकारी

लोकेश एम (सीईओ)

सौम्य श्रीवास्तव (एसीईओ)

मुख्य कारण

एमओयू के बाद भी काम न करना

नोटिस के बावजूद निर्माण न होना

एमओयू के नाम पर ‘जमीन कब्जा’ खेल का पर्दाफाश

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि कई निवेशकों ने यूपी इन्वेस्टर समिट के दौरान जल्दबाजी में एमओयू (Memorandum of Understanding) साइन किए थे।

  • उद्देश्य की कमी: कई मामलों में निवेशकों का इरादा उद्योग लगाना नहीं, बल्कि प्राइम लोकेशन पर जमीन हासिल करना था।

  • नोटिस की अनदेखी: नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम ने बताया कि इन आवंटियों को पहले भी कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन जमीन पर कोई गतिविधि नहीं दिखी।

  • कठोर कदम: अब इन प्लॉटों के आवंटन को निरस्त करने के साथ-साथ भारी जुर्माना लगाने और इन्हें फिर से वास्तविक निवेशकों को आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

ग्रेटर नोएडा: 2008 से खाली पड़े प्लॉटों पर कार्रवाई

ग्रेटर Noida में भी स्थिति गंभीर पाई गई। एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव के अनुसार, 13 ऐसे आवंटी मिले जिन्होंने 2008 में प्लॉट लिया था लेकिन 17 साल बीत जाने के बाद भी ईंट तक नहीं रखी। इन सभी आवंटनों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

अथॉरिटी का संदेश: “इंडस्ट्रियल प्लॉट लेकर बैठने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। अगर आवंटित समय में काम शुरू नहीं हुआ, तो आवंटन रद्द कर जमीन वापस ली जाएगी।”

अमीरों का नया अड्डा: बैंक में पैसा जमा करने में नोएडा ने गाड़े झंडे, लिस्ट देखकर उड़ जाएंगे होश!

Exit mobile version