OP Rajbhar Gun Offer: उत्तर प्रदेश की राजनीति के ‘बड़बोले’ खिलाड़ी और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर ऐसा बम फोड़ा है, जिससे सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। लखनऊ में निषाद पार्टी के स्थापना दिवस पर मंच से दहाड़ते हुए राजभर ने सरेआम घोषणा कर दी कि वे पिछड़ों और दलितों को “बिना लाइसेंस का हथियार” बांटेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, “जिसे हथियार चाहिए, वह 18 जनवरी को आजमगढ़ आ जाए।” इस बयान के बाद यूपी की सियासत में उबाल आ गया है। जहाँ विपक्षी दल इसे कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती मान रहे हैं, वहीं राजभर के समर्थक इसे ‘राजनीतिक सशक्तिकरण’ का प्रतीक बता रहे हैं। अब देखना यह है कि योगी सरकार इस ‘अवैध’ ऑफर पर क्या रुख अपनाती है।
"बिना लाइसेंस हथियार चाहिए तो मुझसे ले लो"
18 तारीख को आजमगढ़ आ जाना : ओपी राजभर
"पिछड़े-दलित वर्ग की लोगों को बिना लाइसेंस का हथियार हम देंगे"
ओपी राजभर का विवादित बयान सामने आया#OPRajbhar #PoliticalStatement #Azamgarh pic.twitter.com/EP9wUuhvh2
— News1India (@News1IndiaTweet) January 14, 2026
मंच पर जोश या होश खो बैठे मंत्री जी?
मंगलवार, 13 जनवरी को लखनऊ का नजारा कुछ अलग था। मौका था निषाद पार्टी का 13वां संकल्प दिवस। मंच पर एनडीए के दिग्गज नेता किरेन रिजिजू, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मौजूद थे। जैसे ही OP Rajbhar माइक पर आए, उन्होंने माहौल को गरमा दिया। संजय निषाद को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि अब लड़ाई के लिए उनके लोग बिना लाइसेंस वाले हथियारों के साथ मैदान में उतरेंगे।
आजमगढ़ में लगेगा ‘हथियारों का मेला’?
OP Rajbhar का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा आजमगढ़ का जिक्र था। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा— “बिना लाइसेंस हथियार चाहिए तो मुझसे ले लो, 18 तारीख को आजमगढ़ आ जाना।” सोशल मीडिया पर @News1IndiaTweet जैसे हैंडल्स द्वारा शेयर किए गए वीडियो में OP Rajbhar पीले कुर्ते में हाथ लहराते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में दिख रहे हैं। वीडियो वायरल होते ही जनता के बीच चर्चा शुरू हो गई है कि क्या 18 तारीख को आजमगढ़ में सचमुच बंदूकों का वितरण होगा या यह सिर्फ एक चुनावी जुमला है?
विवादों के ‘बादशाह’ राजभर
यह पहली बार नहीं है जब OP Rajbhar ने सुर्खियां बटोरी हों। 2025 में पाकिस्तान पर टिप्पणी हो या मुस्लिम वोट बैंक पर बयान, वे हमेशा चर्चा में रहते हैं। लेकिन इस बार ‘बिना लाइसेंस हथियार’ की बात कहकर उन्होंने सीधा कानून के उल्लंघन का संकेत दिया है। जानकारों का कहना है कि राजभर शायद वोट की ताकत को हथियार कह रहे थे, लेकिन उनके ‘रॉ’ और सीधे शब्दों ने विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। समाजवादी पार्टी इस बयान को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
क्या यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक बयान है या राजभर सचमुच किसी बड़ी योजना की ओर इशारा कर रहे हैं? 18 जनवरी की तारीख अब उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए ‘सुपर संडे’ बनने वाली है।









