Pak agent Tufail का खुलासा: 600 पाक नंबरों से था कनेक्शन, फैला रहा था नफरत का ज़हर

पाक एजेंट के रूप में गिरफ्तार मो. तुफैल 600 पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क में था। एटीएस ने उसके मोबाइल से राष्ट्रविरोधी वीडियो, मैसेज और फोटो बरामद किए हैं। वह व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए कट्टरपंथी एजेंडा फैला रहा था।

Pak agent Tufail

Pak agent Tufail: वाराणसी से एक खतरनाक देशद्रोही चेहरा सामने आया है। मोहम्मद तुफैल नामक 28 वर्षीय युवक को उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। तुफैल न केवल 600 से अधिक पाकिस्तानी नंबरों के संपर्क में था, बल्कि वह व्हाट्सएप, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया माध्यमों पर राष्ट्र विरोधी मैसेज, वीडियो और फोटो भी साझा कर रहा था। प्रयागराज की सांप्रदायिक घटना से प्रेरित होकर वह नफरत फैलाने की मुहिम में जुटा था। कट्टरपंथी संगठनों से जुड़कर वह भारत में अशांति फैलाने की साजिश रच रहा था। उसका मंसूबा सिर्फ जासूसी नहीं, बल्कि गजवा-ए-हिंद की राह पर भारत को तोड़ना था।

कट्टरपंथ का अड्डा बना व्हाट्सएप

Pak agent Tufail ने वाराणसी में 19 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे, जिनमें पूर्वांचल के 800 युवक जुड़े हुए थे। इनमें भड़काऊ वीडियो, धार्मिक नारेबाजी और देश विरोधी संदेश साझा किए जाते थे। एटीएस ने इन सभी ग्रुपों को रडार पर लिया है और इनसे जुड़े मोबाइल नंबरों की निगरानी शुरू कर दी है।

पाकिस्तानी महिला से फेसबुक पर संपर्क

जांच में सामने आया है कि Pak agent Tufail ने फेसबुक के माध्यम से पाकिस्तान के फैसलाबाद की नफीसा नामक महिला से संपर्क किया था, जिसका पति पाकिस्तानी सेना में है। तुफैल ने नफीसा को दो बार नेपाल के रास्ते उपहार भेजे थे। इन उपहारों के जरिये वह पाक एजेंसी को भारत से जुड़े इनपुट उपलब्ध कराता था।

कट्टरपंथियों से सीधा संपर्क

साल 2018 से तुफैल का झुकाव कट्टरपंथियों की ओर हुआ। वह पंजाब के सिरहिंद और कन्नौज की धार्मिक यात्राओं के दौरान कट्टर नेताओं के संपर्क में आया। पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन ‘तहरीक-ए-लब्बैक’ से जुड़े मौलाना शाद रिजवी के वीडियो वह लगातार साझा करता था और भारत में शरिया कानून लागू करने, मुस्लिम राज स्थापित करने जैसी बातें फैला रहा था।

एटीएस रिमांड पर करेगी पूछताछ

एटीएस तुफैल को रिमांड पर लेकर उससे गहराई से पूछताछ करेगी। उसके मोबाइल, सिम और सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले जा रहे हैं। एटीएस यह जानने की कोशिश में है कि Pak agent Tufail किन-किन नेटवर्क से जुड़ा था और क्या उसके पीछे कोई बड़ा आतंकी संगठन काम कर रहा था। मो. तुफैल कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ सोच रखने वाला कट्टरपंथी और पाक एजेंसियों का मोहरा था। उसकी गिरफ्तारी ने देशद्रोह की उस साजिश से पर्दा उठाया है, जो व्हाट्सएप ग्रुपों और फेसबुक के जरिए देश को तोड़ने की ओर बढ़ रही थी।

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