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PDA Pathshala पर सियासी संग्राम: लखनऊ में सपा नेता पूजा शुक्ला पर FIR, स्कूल में पढ़ाने को बताया ‘अवैध’

PDA Pathshala

PDA Pathshala: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की ओर से चल रही ‘पीडीए पाठशाला’ अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। योगी सरकार द्वारा किए गए सरकारी स्कूलों के मर्जर के विरोध में शुरू किए गए इस अभियान के तहत लखनऊ की सपा नेता पूजा शुक्ला पर मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि उन्होंने जबरन एक बंद सरकारी स्कूल का ताला तोड़कर वहां शिक्षा कार्य शुरू किया और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। FIR के अनुसार, यह कार्रवाई बिना किसी सरकारी अनुमति के की गई, जो कानून का उल्लंघन माना जा रहा है। अब सैरपुर थाने में पूजा शुक्ला और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।

पीडीए पाठशाला बना राजनीतिक मुद्दा

योगी सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के विलय के निर्णय के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने ‘PDA Pathshala’ अभियान शुरू किया था। इस अभियान का उद्देश्य था बच्चों को बंद स्कूलों के बजाय फिर से शिक्षा से जोड़ना और सरकार की नीतियों का विरोध करना। इसी क्रम में सपा नेता पूजा शुक्ला ने लखनऊ के उमरभारी क्षेत्र में एक बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई शुरू कर दी, जो अब विवाद का कारण बन गई है। इस मुद्दे ने सियासी तूल पकड़ लिया है, जहां सरकार इसे अवैध गतिविधि मान रही है, वहीं सपा इसे “सकारात्मक आंदोलन” बता रही है।

क्या सरकारी नियमों का हुआ उल्लंघन?

FIR के अनुसार, जिस स्कूल में PDA Pathshala चलाई गई, वह 1 जुलाई 2025 को ही बढ़ौली विद्यालय में मर्ज कर दिया गया था। प्रधानाध्यापक की शिकायत पर दर्ज FIR में कहा गया है कि 31 जुलाई को उस बंद विद्यालय का ताला तोड़कर कक्षाएं चलाई गईं, फर्नीचर और कमरे का उपयोग किया गया, और यह सब बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के हुआ। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो को भी केस का आधार बनाया गया है। इस मामले में पूजा शुक्ला समेत अज्ञात लोगों पर सरकारी आदेशों के उल्लंघन और अवैध घुसपैठ का आरोप है।

सपा का पलटवार – “शिक्षा से वंचित करना चाहती है सरकार”

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद और पूजा शुक्ला ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। पूजा शुक्ला ने कहा कि सरकार स्कूल बंद कर बच्चों को शिक्षा से दूर कर रही है और समाजवादी पार्टी इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा, “हम बच्चों को पढ़ा रहे हैं, ये सकारात्मक आंदोलन है। लेकिन सरकार मुकदमा दर्ज कर रही है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” सपा इसे शिक्षा के प्रति जागरूकता की मुहिम बता रही है, जबकि प्रशासन इसे नियमों की अवहेलना करार दे रहा है।

पुलिस कर रही जांच, आगे की कार्रवाई की तैयारी

सैरपुर थाना प्रभारी के अनुसार, FIR प्रधानाध्यापक आशुतोष मिश्रा की तहरीर और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई इसी के आधार पर तय होगी। यह मामला अब शिक्षा, राजनीति और कानून तीनों क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन चुका है।

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