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Mathura News: मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करना पड़ा भारी, युवक से पुलिस ने की बर्बरता, मानवाधिकार और कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Allegations of brutality in Mathura:उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से सामने आई एक घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस पर युवक के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार के आरोप लगे हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

शिकायत से बढ़ा विवाद

बताया जा रहा है कि गोवर्धन थाना क्षेत्र के एक युवक ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर सब-इंस्पेक्टर कपिल नागर के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। आरोप है कि इसी शिकायत के बाद मामला और गंभीर हो गया।

रिश्वत मांगने का आरोप

पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि उससे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। उसने इस बात की शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर की थी, ताकि उसकी समस्या का समाधान हो सके और उसे न्याय मिल सके।

थाने बुलाकर मारपीट का दावा

शिकायत के बाद युवक को थाने बुलाया गया। आरोप है कि वहां उसे एक कमरे में बैठाकर बुरी तरह पीटा गया। युवक का कहना है कि उसके साथ शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कठोर व्यवहार किया गया।

परिजनों ने लगाई गुहार

जब युवक की हालत बिगड़ने लगी तो उसके परिवार वाले थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस से दया की अपील की और इलाज कराने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया।

इलाज में देरी का आरोप

परिवार का कहना है कि युवक की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। बाद में परिजन ही उसे किसी तरह अस्पताल लेकर पहुंचे और उसका इलाज शुरू कराया गया।

प्रशासन पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि शिकायत करने पर ही ऐसा व्यवहार होगा, तो आम नागरिक अपनी बात कैसे रख पाएगा। प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों में दिखा आक्रोश

गोवर्धन और आसपास के इलाकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। कुछ सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि न्याय न मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

जांच और कार्रवाई की मांग

मानवाधिकार से जुड़े संगठनों ने भी मामले की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और जनता का भरोसा बना रहे।

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