Power Theft Crackdown: बिजली चोरी को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया। देर रात जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद सड़कों पर उतर आए और भारी पुलिस बल के साथ शहर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जब अधिकारी एक घर के अंदर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए।
दरअसल, प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ इलाकों में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है। इसी को देखते हुए डीएम डॉ. राजेंद्र पैसिया और एसपी कृष्ण विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस, पीएसी और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया गया और एक साथ कई जगहों पर कार्रवाई की गई।
50 से 60 घरों तक हो रही थी चोरी की सप्लाई
इस अभियान के तहत रायसत्ती, दीपा सराय, सराय तरीन, नवाबखेल, गुन्नौर और बबराला जैसे इलाकों में छापेमारी की गई। जांच के दौरान एक घर में अवैध रूप से चल रहा मिनी पावर स्टेशन पकड़ा गया। यह पावर स्टेशन जमीन के नीचे बनाया गया था, ताकि किसी को शक न हो।
जांच में सामने आया कि इसी अंडरग्राउंड सिस्टम के जरिए करीब 50 से 60 घरों को चोरी की बिजली सप्लाई दी जा रही थी। यही नहीं, इस अवैध लाइन से एक मस्जिद, दूध की डेयरी और कई गैरकानूनी ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट भी जुड़े हुए थे। बिजली विभाग की टीम ने मौके से अवैध केबल, ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण जब्त कर लिए और सभी गैरकानूनी कनेक्शन तुरंत काट दिए गए।
भूमिगत नेटवर्क ने खोली पोल
अधिकारियों के मुताबिक, एक व्यक्ति ने अपने घर को ही बिजली सप्लाई का केंद्र बना रखा था। पूरा नेटवर्क जमीन के नीचे बिछाया गया था, ताकि बाहर से किसी को भनक न लगे। इसी वजह से कुछ इलाकों में लाइन लॉस 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इस बढ़ते नुकसान को रोकने के लिए ही यह विशेष अभियान चलाया गया।
छापेमारी के दौरान डीएम और एसपी के साथ सीओ संभल आलोक भाटी, सीओ असमोली कुलदीप सिंह, एएसपी कुलदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। एक दर्जन से ज्यादा टीमें एक साथ अलग-अलग जगहों पर जांच में जुटी रहीं।
डीएम का सख्त संदेश, आगे भी चलेगा अभियान
डीएम डॉ. राजेंद्र पैसिया ने साफ शब्दों में कहा कि बिजली चोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन लोगों को इस मामले में पकड़ा गया है, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो संपत्ति कुर्क करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। सांसद जियाउर्रहमान बर्क के गृह क्षेत्र रायसत्ती और नखासा से इसकी शुरुआत की गई है। प्रशासन की इस सख्ती के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और बिजली चोरी करने वालों में डर का माहौल साफ देखा जा सकता है।
