Prayagraj Sex Racket: प्रयागराज के कीडगंज इलाके में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला आईएएस (IAS) अधिकारी के घर में अवैध सेक्स रैकेट संचालित किया जा रहा था। यह मकान अधिकारी ने एक व्यक्ति को परिवार के साथ रहने के लिए 15 हजार रुपये मासिक किराए पर दिया था। पिछले कुछ समय से स्थानीय निवासियों को देर रात घर में युवक-युवतियों की संदिग्ध आवाजाही पर संदेह हुआ, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। रविवार रात जब पुलिस ने छापेमारी की, तो मकान के हर कमरे से युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। पुलिस ने मौके से सरगना सर्वेश दुबे सहित चार लड़कियों और चार लड़कों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
पड़ोसियों के संदेह ने खोला राज
कीडगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित इस मकान में गतिविधियां पिछले तीन महीनों से संदिग्ध बनी हुई थीं। आरोपी सर्वेश दुबे ने मकान मालिक को भरोसा दिलाने के लिए शुरुआत में अपने परिवार को वहां रखा था, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया। इसके बाद से ही वहां अजनबी चेहरों का जमावड़ा लगने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय लग्जरी गाड़ियों और अनजान लोगों के आने-जाने से मोहल्ले का माहौल खराब हो रहा था। जागरूक नागरिकों की शिकायत पर पुलिस ने पहले सादे कपड़ों में निगरानी रखी और मामला पुख्ता होते ही योजनाबद्ध तरीके से धावा बोल दिया।
छापेमारी और बरामदगी
Prayagraj पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो सरगना सर्वेश दुबे घर के बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहा था। अंदर दाखिल होते ही पुलिस को हर कमरे में अनैतिक गतिविधियां मिलीं। गिरफ्तार की गई युवतियों में से एक पश्चिम बंगाल और एक वाराणसी की है, जबकि दो अन्य प्रयागराज की ही निवासी हैं। पकड़े गए चारों युवक भी स्थानीय बताए जा रहे हैं। मौके से पुलिस को भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और मोबाइल फोन मिले हैं, जिनसे ग्राहकों से संपर्क किया जाता था।
IAS अधिकारी की भूमिका पर स्पष्टीकरण
Prayagraj पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि मकान की मालिक महिला आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन इस अवैध धंधे में उनकी कोई संलिप्तता नहीं मिली है। उन्होंने नियमों के तहत एग्रीमेंट करवाकर मकान किराए पर दिया था। Prayagraj पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने धोखाधड़ी कर आवासीय उद्देश्य के नाम पर घर लिया और वहां अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के उल्लंघन वाली गतिविधियां शुरू कर दीं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस रैकेट के तार अन्य किन शहरों से जुड़े हैं और क्या इसमें कोई बड़ा एजेंट शामिल है। सभी आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
