Magh Mela Ring Rail Facility:प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए उत्तर रेलवे प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। लखनऊ से प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या के बीच रिंग रेल चलाने की योजना बनाई गई है। इस पहल से माघ मेले में स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही यात्री एक ही यात्रा में कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर सकेंगे।
उत्तर मध्य रेलवे पहले से ही चित्रकूट और झांसी के लिए चार रिंग रेल सेवाएं चला रहा है। इसी तरह अब उत्तर रेलवे की यह नई रिंग रेल लखनऊ से रवाना होकर प्रयागराज पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन वाराणसी और अयोध्या होते हुए वापस लखनऊ लौटेगी। इससे श्रद्धालुओं को बार-बार ट्रेन बदलने की परेशानी नहीं होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।
कब से ट्रेन पटरियों पर दौड़ने लगेगी
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस रिंग रेल का पूरा शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि यह ट्रेन 13 जनवरी से पहले पटरियों पर दौड़ने लगेगी। माघ मेले के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों की भी व्यवस्था की है।
इसी कड़ी में ट्रेन संख्या 04293 स्पेशल ट्रेन 15 जनवरी को प्रयागराज से रात 8:20 बजे चलेगी और रात दो बजे लखनऊ पहुंचेगी। यही ट्रेन 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी और एक फरवरी को माघी पूर्णिमा के मौके पर भी इसी समय पर संचालित की जाएगी। इन खास तिथियों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने में यह ट्रेन अहम भूमिका निभाएगी।
कोहरे का असर, ट्रेनें घंटों लेट
दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर घने कोहरे का असर लगातार देखने को मिल रहा है। गुरुवार को भी हालात ऐसे रहे कि सुबह पहुंचने वाली कई वीआईपी और प्रीमियम ट्रेनें दोपहर में प्रयागराज पहुंचीं। नई दिल्ली से चलने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस सुबह 6:55 बजे के बजाय करीब छह घंटे देरी से दोपहर एक बजे सूबेदारगंज स्टेशन पहुंची।
इसी तरह हमसफर एक्सप्रेस लगभग सात घंटे की देरी से दोपहर 1:15 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंची। भोर से सुबह के बीच आने वाली लगभग सभी ट्रेनें अपने तय समय से काफी देर से पहुंचीं। मगध एक्सप्रेस छह घंटे, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे और रीवा एक्सप्रेस करीब आठ घंटे की देरी से आई।
इसके अलावा ऊंचाहार, पुरुषोत्तम, जम्मू मेल, नेताजी, महानंदा, नॉर्थ ईस्ट, सीमांचल, हावड़ा राजधानी और शिवगंगा जैसी कई ट्रेनें भी एक से तीन घंटे तक देरी से पहुंचीं। कोहरे का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। भुवनेश्वर से आने वाली फ्लाइट तय समय से करीब पौने दो घंटे देरी से पहुंची, जबकि बेंगलुरु की फ्लाइट भी आधे घंटे लेट रही।









