Site icon News1India

दिवाली पर राजा भैया ने किया अबतक का सबसे बड़ा खुलासा, बता दिया इस वक्त में सनातन पर क्यों मंडरा रहा खतरा

लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। वो इधर-उधर की बात नहीं करते। जुबान से कभी भी अपने विरोधियों के खिलाफ अपशब्द नहीं बोलते। तर्कों से अपनी बात को रखते हैं। खुद को डंके की चोट पर सनातनी कहते हैं। भगवान श्रीराम का वह अपना पूर्वज भी बताते हैं। राजघराने में जन्म लेने के बाद भी वह अपने को कभी राजा नहीं कहते। वह खुद को एक जनसेवक मानते हैं। जनता भी उन्हें बेइतंहा प्यार करती है। यही वजह है कि बीते तीन दशक से वह कुंडा के सरंपच हैं। जब वह विधानसभा में बोलते हैं कि सभी नेता मौन होकर उनकी बातों को सुनते हैं। हां हम बात कर रहे हैं कुंडा विधायक राजा भैया की, जो दिवाली पर्व पर खुलकर बोले। अपने को सनातनी कहा। डंके की चोट पर हिन्दुओं की वकालत की। मुगालों का जिक्र किया। कश्मीरों पंडितों के पलायन की याद दिलाई। हैदराबाद के छोटे ओबैसी की 15 मिनट वाली थ्योरी की खोली। डीएमके की हिन्दू विरोधी साजिश का पर्दाफाश किया।

तो चलिए हम आपको बताते हैं कुंडा विधायक राजा भैया ने ये बयान कहां पर दिया। साथ ही राजा भैया को क्यों सनातन पर खतरे का जिक्र करना पड़ा। तो ये मौका था प्रतापगढ़ जिले के कुंडा परानूपुर स्थित श्रृंगवेरपुर धाम में नव दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा महोत्सव का आयोजन का। कथा सुनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पूज्य राजन जी महाराज पहुंचे। इस कभा में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पहुंचे और जमकर बरसे। राजा भैया ने सनातन पर बोलते हुए कहा कि अधर्म का नाश आप हम ही लोग करेंगे, लेकिन घर बैठ कर नहीं होगा। राजा भैया ने कहा कि धर्म की विजय तब होगी, जब अधर्म का नाश होगा। अधर्म का नाश करने के लिए कोई ऊपर से नहीं आएगा, घर बैठक कर नहीं होगा। हम लोगों की ही करना पड़ेगा। आप लोगों को ही करना पड़ेगा।

कुंडा विधायक राजा भैया ने आगे कहा, भगवान श्रीराम ने राज पाठ सब छोड़ दिया, लेकिन अपना धनुष बाण नहीं छोड़ा। कितने दुष्टों का संहार किया। भगवान शिव ने कभी त्रिशूल नहीं छोड़ा। हनुमान जी ने कभी गद्दा नहीं छोड़ी। शस्त्र के बल पर ही अधर्म का नाश किया। ईश्वर अवतार लेकर हमें लगातार प्रेरणा दे रहे हैं। राजा भैया ने कहा कि आने वाले 30 से 50 सालों में क्या धार्मिक आयोजन हो पाएंगे। वर्तमान में जो सनातनी बचे हैं, उसका श्रेय पूर्वजों के उस पुरुषार्थ को जाता है, जिन्होंने संघर्ष किया, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया। राजा भैया ने कहा आज राजन जी महाराज जिस तरह से कथा कर रहे हैं, आने वाले 30 से 50 सालों में क्या कथा कर पाएंगे? इस पर हमारा चिंतन होना चाहिए। क्या हमारी आने वाली पीढ़ी सनातन धर्म में अपना अस्तित्व बचा पाएगी? इसका दायित्व आज हमारा है। अपने पूर्वजों की भांति हमें भी पुरुषार्थ करना होगा।

राजा भैया ने कहा कि सनातन धर्म पर आज भी हमले हो रहे हैं। सनातन धर्म पर आज बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है। हिन्दू उसको मौन सुन रहा है, कोई प्रतिकार नहीं कर रहा है। उन्होंने उदाहरण देकर बताया, जहां पर दुर्गा विसर्जन होता है, हनुमान जयंती पर शोभा यात्रा निकलती है, उस पर हमला होता है। कश्मीर में एक रात के अंदर 5 लाख कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाल दिया जाता है, वो भी आज दर-दर भटक रहें है, उनका अपराध इतना था, वो सनातनी थे हिंदू थे। उस समय कश्मीर में रलिव गलिव चलिव का नारा दिया गया, जिसका मतलब है या तो इस्लाम अपना के हमारे साथ मिल जाओ या मरो या फिर भाग जाओ। ये दुर्भाग्य है कि हम लोग मौन होकर इसे सहते रहते हैं। जिहादियों ने धरती के स्वर्ग से हिन्दुओं को भागने पर मजबूर कर दिया। अगर उस वक्त हम अधर्म के खिलाफ शस्त्र उठाते तो कश्मीर से हिन्दुओं का पलायन नहीं होता।

उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता जनसत्ता दल लोकतांत्रिक अध्यक्ष और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने राम कथा के दौरान हिंदुओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। इस दौरान राजा भैया ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी के पूर्व में दिए गए बयान का जिक्र किया। दरअसल, हैदराबाद के नेता ने कहा था कि पुलिस हटा दो 15 मिनट में पता चल जाएगा। तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, हम (मुस्लिम) 25 करोड़ हैं, देखते हैं कौन भारी पड़ता है। कुंडा के विधायक राजा भैया ने कहा कि हिंदू समाज के समक्ष मौजूदा चुनौतियों और आवश्यक सुधारों पर विचार करना चाहिए। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (द्रमुक) की युवा इकाई के सचिव और राज्य के युवा कल्याण मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को समानता एवं सामाजिक न्याय के खिलाफ बोलते हुए कहा कि इसे समाप्त किया जाना चाहिए।

मंत्री उदयनिधि स्टालिन के बयान पर राजा भैया ने एक बार फिर प्रतिक्रिया दी। उदयनिधि स्टालिन ने भरी सभा में सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कही थी। कई राष्ट्रीय दल उनके साथ गठबंधन में हैं, हर भारतवासी को इस घृणित वक्तव्य का मुखर विरोध करना चाहिए। ये बयान हिन्दुओं के प्रति क्डज्ञ की घृणा को दर्शाता है। अकबर को लेकर राजा भैया ने कहा कि जिसे वामपंथी पत्रकार महान बताते हैं, उससे बड़ा हत्यारा और दुष्ट शासक नहीं हुआ है। उसी काल में तुलसीदास रामचरितमानस की रचना की थी। अकबर ने अनेक प्रलोभन देने के कोशिश की। उनको मनसबदारी देने की कोशिश की गई, लेकिन उसे लेने साफ इनकार कर दिया। तुलसीदास जी से ज्यादा साहसी कोई नहीं था।

Exit mobile version