Virendra Singh MP Socialist Ram: भगवान राम को ‘समाजवादी’ बताने वाले सपा सांसद विरेंद्र सिंह के बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, सपा ने राम को ‘PDA’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) का मसीहा बताकर भाजपा के ‘हिंदुत्व’ कार्ड की काट खोजने की कोशिश की है। सांसद के इस दावे ने—कि राम ने राजाओं को छोड़ वनवासियों की मदद ली—भाजपा को आगबबूला कर दिया है। भाजपा ने इसे ‘मानसिक दिवालियापन’ और सनातन का अपमान करार देते हुए तीखा पलटवार किया है। धर्म और राजनीति के इस कॉकटेल ने जनता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है: क्या मर्यादा पुरुषोत्तम को किसी एक राजनीतिक विचारधारा के दायरे में बांधना संभव है?
"प्रभु राम समाजवादी थे, माता सीता को वनवास हुआ क्योंकि बीजेपी जैसे लोगों ने चुगली की थी" – वीरेंद्र सिंह, सांसद समाजवादी पार्टी pic.twitter.com/TTv10YcXPy
— Shantanu Tripathi (@Shantanu_media) January 12, 2026
सपा का ‘समाजवादी राम’ दांव
Virendra Singh MP ने सार्वजनिक रूप से कहा, “भगवान राम अपने समय के सबसे बड़े समाजवादी थे। उन्होंने अयोध्या के वैभव और राजाओं की सेना को त्यागकर वनवासियों, निषादों और गिद्धों की सेना बनाई।” उन्होंने आगे तर्क दिया कि राम ने ‘PDA’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) को एकजुट कर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इसमें तड़का लगाते हुए कहा कि राम का वनवास ‘मंथरा की चुगली’ का परिणाम था, जो आज के दौर की नकारात्मक राजनीति जैसा ही है।
भाजपा का पलटवार: “ये मानसिक दिवालियापन है”
भाजपा ने इस बयान को सिरे से खारिज करते हुए Virendra Singh MP पर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने इसे ‘मानसिक दिवालियापन’ करार देते हुए कहा कि जो लोग राम मंदिर का विरोध करते थे, वे अब हार के डर से राम के नाम का सहारा ले रहे हैं। भाजपा नेताओं का तर्क है कि राम का चरित्र ‘राजतंत्र’ और ‘धर्म’ का संगम था, न कि किसी आधुनिक राजनीतिक विचारधारा का।
विवादों की पुरानी फेहरिस्त
धर्म को राजनीति के तराजू में तौलने का यह सिलसिला नया नहीं है:
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TMC का ‘BPL’ तंज: 2024 में टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए पूछा था कि क्या राम ‘गरीबी रेखा से नीचे’ (BPL) हैं, जो भाजपा उन्हें आवास योजना के तहत घर (मंदिर) दे रही है।
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RSS का ‘अहंकार’ वाला सबक: आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने हाल ही में 2024 के नतीजों को राम की नाराजगी से जोड़ते हुए कहा था कि जो पार्टी अहंकारी हो गई, उसे राम ने 240 पर रोक दिया।
नेताओं के बयानों की तुलना
नेता |
पार्टी |
भगवान राम पर टिप्पणी |
राजनीतिक संदेश |
विरेंद्र सिंह |
सपा |
राम ‘समाजवादी’ और ‘PDA’ समर्थक थे। |
पिछड़ों-दलितों को राम से जोड़ना। |
शताब्दी रॉय |
TMC |
राम क्या BPL हैं? |
मंदिर निर्माण को चुनावी योजना बताना। |
इंद्रेश कुमार |
RSS |
राम ने अहंकारियों को 240 पर रोका। |
भाजपा को जमीन पर रहने की नसीहत। |
विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 के यूपी चुनाव जैसे-जैसे करीब आएंगे, राम के नाम पर ‘ट्रेडमार्क’ की यह लड़ाई और तेज होगी। फिलहाल, Virendra Singh MP के बयान ने यह साफ कर दिया है कि अब विपक्ष ‘राम’ के नाम से दूरी बनाने के बजाय उन्हें अपनी पिच पर लाने की तैयारी में है।


