Change Through Comics: कला और संस्कृति के जरिए अपनी बात कहने वाले युवाओं का प्रदेशव्यापी ‘रंग दे बसंती’ अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को मुजफ्फरनगर में युवाओं ने ‘बदलता उत्तर प्रदेश’ विषय पर कॉमिक्स बांटी। इन कॉमिक्स के जरिए उन्होंने प्रदेश की पुरानी स्थिति से लेकर मौजूदा दौर तक के बदलाव को अपनी कल्पना और कला के माध्यम से दिखाने की कोशिश की।
पलायन से वापसी
कार्यक्रम में युवाओं ने एक काल्पनिक युवक की कहानी कॉमिक्स के जरिए पेश की। कहानी में यह युवक 2013 में मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगों के बाद अपना घर छोड़कर दूसरे स्थान पर चला जाता है। बाद में प्रदेश में शासन व्यवस्था बदलने, कानून-व्यवस्था बेहतर होने और माहौल शांत होने के बाद उसे बदलाव महसूस होता है। इसके बाद वह दोबारा अपने घर लौट आता है।
कागज पर पुरानी यादें
युवा कलाकारों ने अपनी सोच और अनुभव को चित्रों के जरिए कागज पर उतारा। कॉमिक्स में उन्होंने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में डर और खराब व्यवस्था की तस्वीर दिखाने की कोशिश की। इसके साथ ही उन्होंने बाद के दौर में कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं और युवाओं के लिए रोजगार से जुड़े प्रयासों को भी अपनी कला में जगह दी।
युवाओं की नजर
इस अभियान में शामिल युवा रजत त्यागी ने कॉमिक्स के जरिए प्रदेश में हुए बदलाव को सामने रखा। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों और उस समय दूसरे इलाकों में बिगड़े हालात को चित्रों में दिखाया। साथ ही यह संदेश देने की कोशिश की कि जो युवा कभी खराब माहौल की वजह से प्रदेश छोड़कर गए थे, उनमें से कई अब बेहतर स्थिति देखकर वापस लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।
लोकतंत्र से समाधान
युवा नमन त्यागी ने मौजूदा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने बेहतर भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से सही रास्ता तलाशना चाहिए। अपनी समस्याओं को सामने रखने के लिए उचित मंच का इस्तेमाल करना जरूरी है। उनका कहना है कि रचनात्मक तरीके से बात रखने से समाधान की राह निकल सकती है और समाज में शांति भी बनी रहती है।
हिंसा नहीं रास्ता
निकुंज ने अपनी कला के जरिए संदेश दिया कि दंगा, हिंसा और उपद्रव किसी समस्या का हल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि अपनी बात या विरोध जताने के लिए रचनात्मक तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कॉमिक्स में उन्होंने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश के हालात और उसके बाद हुए सकारात्मक बदलाव को एक साथ दिखाने की कोशिश की। इस अभियान के जरिए युवाओं ने कला को अपनी आवाज बनाने और समाज में सकारात्मक सोच बढ़ाने का संदेश दिया।
