Ravi Shankar Prasad fire accident: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार सुबह एक बड़ी घटना सामने आई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद के आधिकारिक निवास पर अचानक आग लग गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को सुबह लगभग 8:05 बजे 21 मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड स्थित उनके घर पर आग की सूचना मिली। राहत की बात यह रही कि सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं और करीब 20-25 मिनट की मशक्कत के बाद सुबह 8:30 बजे तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग घर के एक कमरे में रखे बिस्तर और फर्नीचर में लगी थी। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
#WATCH | Delhi | Fire tenders and Delhi Police Forensics Team at the spot after a fire broke out at BJP MP Ravi Shankar Prasad's residence. Further details awaited. pic.twitter.com/HwkhCw98gI
— ANI (@ANI) January 14, 2026
सुबह 8 बजे मचा हड़कंप, 20 मिनट में पाया गया काबू
बुधवार की सुबह Ravi Shankar Prasad के आवास पर तैनात कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब घर के एक बेडरूम से धुआं निकलता देखा गया। आग बिस्तर (बेड) पर भड़की थी और धीरे-धीरे कमरे के फर्नीचर को अपनी चपेट में ले रही थी। दमकल विभाग के अनुसार, उन्हें पहले कोठी नंबर-2 के नाम से सूचना मिली थी, लेकिन जांच करने पर मामला कोठी नंबर-21 (Ravi Shankar Prasad का निवास) का निकला। टीम ने बिना देरी किए ऑपरेशन शुरू किया और आग को अन्य कमरों में फैलने से रोक लिया।
सुरक्षित निकाले गए लोग, जांच जारी
घटनास्थल पर पहुँचते ही अग्निशमन विभाग की टीम ने सबसे पहले सुरक्षा के लिहाज से घर के अंदर मौजूद सभी लोगों को बाहर निकाला। सब-फायर ऑफिसर सुरेश एम ने बताया कि आग पर अब काबू पा लिया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। हालांकि, अभी तक आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है।
फॉरेंसिक टीम मौके पर
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस की फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुँच गई है। टीम इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई और तकनीकी कारण था। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि घटना के समय पटना साहिब से सांसद रवि शंकर प्रसाद घर में मौजूद थे या नहीं, लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि किसी को भी शारीरिक चोट नहीं आई है और संपत्ति का बड़ा नुकसान होने से टल गया है।


