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अब फैब्रिक कपड़ा करेगा शमी-बुमराह समेत अन्य खिलाड़ियों की सुरक्षा, 150 स्पीड की गेंद से बल्लेबाजों को भी कुछ ऐसे बचाएगा ये ‘कवच’

लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपने कॅरियर के दौरान कभी घायल न हो। प्लेयर नहीं चाहते कि चोट उनके खेल में बाधक बने। बावजूद मैदान में खिलाड़ी अक्सर चोटिल हो जाते हैं। जिसके कारण उन्हें मैच, सीरीज से बाहर बैठना पड़ता है। कुछ ऐसा ही टीम इंडिया के गेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के साथ हुआ। शमी ने तो करीब एक वर्ष बाद टीम में वापसी कर ली, लेकिन चोट के कारण जस्सी आईपीएल 2025 का हिस्सा नहीं हैं। राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन (एनटीटीएम) के तहत भारतीय साइंटिस्टों ने इस समस्या का समाधान करने के लिए पहली बार खास तरह का शोध किया है। डेढ़ वर्ष के गहन अध्ययन के बाद उत्तर भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (निटरा) के साइंटिस्टों ने थ्रीडी स्पेसर निटेड फैब्रिक विकसित किया है, जो खिलाड़ियों को तेज गति से फेंकी गई गेंद से लगने वाली चोट से बचाने में सक्षम होगा।

खिलाड़ियों के लिए अधिक सुरक्षित और आरामदायक

उत्तर भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (निटरा) ने भारत के खिलाड़ियों के लिए एक सुरक्षा कवच तैयार किया है, जो क्रिकेट, हॉकी से लेकर अन्य गेमों में प्लेयर्स की सुरक्षा करेगा। ‘निटरा’ ने अपने इस सुरक्षा कवच का नाम फैब्रिक दिया है। इसे पहनने के बाद खिलाड़ियों को लेग गार्ड, थाई पैड, एलबो गार्ड पहनने की जरूरत नहीं होगी। इस शोध को खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। साइंटिस्टों का मानना है कि यदि इस कपड़े का उपयोग बड़े स्तर पर किया जाता है तो यह पारंपरिक सुरक्षा गियर की जगह ले सकता है और खिलाड़ियों के लिए अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगा। साइंटिस्टों का दावा है कि इसको पहनने से 150 किमी प्रतिघंटे की फेंकी गई बॉल भी बल्लेबाजों का कुछ नहीं कर पाएगी। अगर बॉल शरीर को लगती भी है तो बैटर्स को चोट नहीं लगेगी।

फैब्रिक में गेंद लगने पर यह सख्त हो जाएगा

इस सुरक्षा कवच का निर्माण निटरा के महानिदेशक डॉक्टर अरिंदम बसु के नेत्त्व में उनकी टीम साइंटिस्ट डॉक्टर रूपम चौहान, सहायक राजकुमार गौतम व रमेश ने किया है। इस खास फैब्रिक में शियर थिकनिंग फ्लुइड का उपयोग किया गया है। साइंटिस्ट बताते हैं कि, शियर थिकनिंग फ्लुइड एक ऐसा तरल पदार्थ है जो काफी गाढ़ा होता है। थ्रीडी स्पेसर निटेड फैब्रिक पहने यदि किसी खिलाड़ी को तेज गति की गेंद लगती है तो यह फैब्रिक तुरंत सख्त हो जाता है और चोट से बचाव करता है। आसान भाषा में कहें तो यह उसी तरह काम करेगा जैसे टक्कर लगने पर कार में लगा एयर बैग खुल जाता है लेकिन, इस फैब्रिक में गेंद लगने पर यह सख्त हो जाएगा।

खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर होगा

अब तक क्रिकेट, हॉकी और बेसबाल जैसे खेलों में खिलाड़ी भारी और कड़े पैड व सुरक्षा गार्ड पहनकर खेलते आए हैं, लेकिन इस नए थ्रीडी स्पेसर निटेड फैब्रिक के आने से खिलाड़ियों को सुरक्षात्मक चीजें पहनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह हल्का और फ्लैक्सिबल होगा, जिससे खिलाड़ी आसानी से मूवमेंट कर सकेंगे और अपने खेल में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। साइंटिस्टों का कहना है कि कि इसके हल्का और लचीला होने के कारण पारंपरिक पैड की तुलना से अधिक आरामदायक होगा, इससे खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर होगा।

अधिक स्किन-फ्रेंडली है और शरीर से

फैब्रिक तैयार करने वाले साइंटिस्टों का दावा है कि 150 किमी प्रति घंटा गति से आने वाली गेंद से सुरक्षा यह फैब्रिक क्रिकेट, हाकी और बेसबाल के खिलाड़ियों के लिए एक वरदान साबित होगा। साइंटिस्ट बताते हैं कि इस फैब्रिक की खासियत यह भी है कि यह काटन की तुलना में अधिक स्किन-फ्रेंडली है और शरीर से पसीना व नमी को सोखेगा। आमतौर पर काटन सात प्रतिशत तक नमी सोखता है, लेकिन नई तकनीक से बना फैब्रिक 13 प्रतिशत तक नमी को अवशोषित कर सकता है। इसमें अंदर की तरफ वी स्कोम रेओन फाइबर लगाया गया है। इसे रिसाइकल भी किया जा सकेगा। जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल भी रहेगा।

यह तकनीक खेल जगत में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी

निटरा के महानिदेशक डॉ. अरिंदम बसु कहते हैं कि खेल जगत में इस नई तकनीक के फैब्रिक का निटरा की ओर से प्रमाणीकरण किया गया है। इसके लिए खेल उपकरण तैयार करने वाली तीन कंपनियों से वार्ता हो रही है। जल्द ही इस फैब्रिक को बाजार में उतारा जाएगा। खास बात यह है कि इसकी कीमत प्रयोग होने वाले मौजूदा गार्ड्स के आसपास ही होगी। इससे यह अधिक से अधिक खिलाड़ियों तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि, खेलों में खिलाड़ियों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हमने इस फैब्रिक को खास तौर पर खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही यह तकनीक खेल जगत में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

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