UP News: रोडवेज बस की टक्कर से ऑटो के उड़े परखच्चे, मुरादाबाद सड़क हादसे में 6 लोगों की हुई मौत

दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर रोडवेज बस ने ऑटो पर पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

लखनऊ ऑनलाइन डेस्क। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भीषण सड़क हादसे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यहां दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर रोडवेज बस ने ऑटो पर पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि हादसे में छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कईयों की हालत गंभीर बनी हुई है।

मुरादाबाद के कुदंरकी क्षेत्र स्थित अब्दुल्लापुर गांव निवासी संजू, सीमा पत्नी करन सिंह, आरती पुत्री मुरारी, अभय पुत्र ओमवीर, सुमन पत्नी हरदीप और करन सिंह की एक अन्य पुत्री, संजू के ऑटो में सवार होकर कटघर क्षेत्र के रफतापुर गांव में भात (शादी की रस्म) लेकर जा रहे थे। जैसे ही उनका ऑटो जीरो पॉइंट के पास पहुंचा, पीछे से आ रही मेरठ डिपो की एक रोडवेज बस अनियंत्रित हो गई और ऑटो को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। स्थानीय लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ऑटो के अंदर से लोगों को बाहर निकाला। जिसमें संजू, सीमा, आरती, अभय, और सुमन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल छह अन्य लोगों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान अनन्या नामक परिवार की एक और सदस्य ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही बस चालक की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना सड़क सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑटो पर 12 से लोग सवार थे। जबकि ऑटो में पांच लोग ही बैठ सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चालक ऑटो में भूसे की तरह संवारियों को भरते हैं और जो हादसे की वजह बन रहे हैं। चालक बेलगाम होकर सड़क पर ऑटो को दौड़ाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चालक पुलिस को पैसे देते हैं और इसी के चलते उन पर कार्रवाई नहीं होती।

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