Saharanpur Administration Action: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंग लीडर मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाला की 56 अवैध संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल ने जारी किया। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के तहत की गई है। प्रशासन ने तहसीलदार बेहट को कुर्क की गई संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया है। उन्हें इन संपत्तियों की देखरेख और सही प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि आगे किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
50 से ज्यादा केस दर्ज
जांच में सामने आया है कि मोहम्मद इकबाल अपने गैंग और सहयोगियों के साथ मिलकर लंबे समय से संगठित अपराधों में शामिल था। आरोप है कि उसने वन क्षेत्रों से लकड़ी तस्करी, अवैध खनन और लोगों को डराकर जमीन कब्जाने जैसे कई अपराध किए। इसके अलावा धोखाधड़ी के जरिए सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा कर बड़ी संपत्ति बनाई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इकबाल के खिलाफ जिले और अन्य जिलों के थानों में करीब 50 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अवैध खनन, कब्जा, धमकी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। प्रशासन के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्तियों की बाजार कीमत करीब 2 अरब 76 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश है।
राजनीति में भी रहा प्रभाव
बताया जाता है कि बसपा शासनकाल के दौरान इकबाल ने अवैध खनन से भारी संपत्ति जुटाई और राजनीति में भी अपनी पकड़ बना ली। पैसों के दम पर उसने बहुजन समाज पार्टी से एमएलसी का पद हासिल किया। बाद में अपने छोटे भाई को भी एमएलसी बनवाया। उस समय जिले में उसका काफी दबदबा था। बताया जाता है कि कई नेता और अधिकारी भी उसके घर आते-जाते थे। इसी प्रभाव के चलते उसने अपनी ताकत और संपत्ति दोनों को तेजी से बढ़ाया।
अवैध कब्जे से बढ़ी संपत्ति
अवैध खनन के साथ-साथ इकबाल पर लोगों की जमीन कब्जाने के भी आरोप लगे। कहा जाता है कि वह लोगों को डराकर या फर्जी मुकदमों की धमकी देकर उनकी जमीन अपने नाम करा लेता था। धीरे-धीरे उसकी पहचान जिले में एक बड़े गैंगस्टर के रूप में होने लगी।
प्रशासन का कहना है कि अब अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त कर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इससे साफ संदेश है कि अपराध कर संपत्ति बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
