Site icon News1India

अखिलेश यादव ने आजम-अफजाल को सौंपी बिहार की कमान, दोनों नेता कुछ ऐसे NDA के विजयी रथ पर लगाएंगे ब्रेक

लखनऊ ऑनलाइन डेस्क।  एक का पूर्वांचल की राजनीति में दबदबा तो दूसरा रामपुर की सियासत का सुल्तान। एक मूंछ पर ताप देकर रैली में दहाड़ता है तो दूसरा अपनी जनसभाओं में उर्दू और हिन्दी से बनें शब्दों से जनता का मन लेता है। यूपी में पिछले चालीस सालों से बड़ा फाटक का अंसारी परिवार और रामपुर की खान फैमिली का रौला रहा। सरकारें किसी की भी रहीं हो, लेकिन सल्तन इन्हीं दोनों परिवारों की चला करती भी। अब बड़ा फाटक के फिर से खुल गया है। सांसद अफजाल अंसारी भी लाव-लश्कर के साथ तैयार हैं। आजम खान भी खुलकर बोल रहे हैं। बिहार चुनाव को लेकर भी बयान दे रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है। लिस्ट में आजम-अफजाल का नाम है। अब यूपी के ये दोनों दिग्गज महागठबंधन के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे।

हां अब आजम खान और अफजाल अंसारी का जादू अब बिहार में भी देखने को मिलेगा। क्योंकि सपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा राष्ट्रीय महासचिव आजम खान और अफजाल अंसारी का नाम भी शामिल है। हालांकि इस लिस्ट में शिवपाल यादव का नाम नहीं हैं। जानकार बताते हैं कि सपा प्रमुख ने शिवपाल यादव को यूपी की कमान सौंपी हुई है। शिवपाल यादव सूबे में संगठन को मजबूत करने के मिशन में जुटे हैं। पहले ऐसी चर्चा थी कि शिवपाल यादव को बिहार भेजा जाएगा। चर्चा ऐसी भी थी कि खुद तेजस्वी यादव चाहते थे कि शिवपाल यादव बिहार आएं और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष मे ंजनसभाएं करें। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। शिवपाल यादव बिहार चुनाव में प्रचार नहीं करेंगे।

हां आजम खान को लिस्ट में हें। उनका नाम अखिलेश के बाद दूसरे नंबर है। माना जा रहा है कि आजम खां के तीखे और जनसभाओं में जोश भरने वाले बयान चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। आजम खां 10 बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं और उन्हें चुनावी रैलियों में भीड़ जुटाने में महारत हासिल है। सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद से वह लगातार सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। उधर, बिहार में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी डेरा डाल रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की कई रैलियां हो चुकी हैं, जबकि उत्तराखंड समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। ऐसे में सपा की तरफ से आजम खां को मैदान में उतारना एक सोची-समझी रणनीति लग रही है।

समाजवादी पार्टी ने अपने 20 प्रमुख नेताओं को स्टार प्रचारकों की सूची में रखा है। इसमें सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन और प्रिया सरोज का नाम भी है। अन्य स्टार प्रचारकों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा, सांसद अवधेश प्रसाद, बाबू सिंह कुशवाहा, नरेश उत्तम पटेल, रमाशंकर विद्यार्थी राजभर, लालजी वर्मा, छोटेलाल खरवार, राजीव राय, सनातन पांडेय, लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, विधायक तेज प्रताप सिंह यादव और ओम प्रकाश सिंह का नाम शामिल है। सपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष काशीनाथ यादव और सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सोलंकी भी स्टार प्रचारकों की सूची में हैं। बिहार में अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के स्टार प्रचारक महागठबंधन के घटक दलों के लिए प्रचार करेंगे। बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्ष के महागठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला है।

सपा सांसद अफजाल अंसारी शाहबुद्दीन के बेटे ओसामा के पक्ष में बैटिंग करेंगे। ओसामा को आरजेडी ने टिकट देकर चुनाव के मैदान में उतारा है। अफजाल ने दावा किया है कि बिहार में महागठबंधन की बहार है। बिहार में जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है। बिहार में एनडीए की सरकार का तख्तापलट की बुनियाद रख दी गई है। अफजाल ने कहा कि 2025 में बिहार से बीजेपी हारेगी। 2027 में यूपी से भी इनका सफाया होगा। बिहार में तेजस्वी सीएम बनेंगे। यूपी में अखिलेश यादव अपनी सरकार बनाएंगे। अफजाल ने कहा कि वह बिहार जाएंगे। जनता के समक्ष खड़े होकर एनडीए की पोल खोलेंगे। अफजाल ने कहा कि ओसामा को जनता विधायक चुनने जा रही है। वह अपने पिता की तरह ही जनसेवा कर गरीब-गुरबों के चेहरों पर मुस्कान लाएंगे।

महागठबंधन में राजद-कांग्रेस के अलावा कम्युनिस्ट पार्टियां और मुकेश सहनी की पार्टी ’वीआईपी’ शामिल है। हालांकि, प्रशांत किशोर की जन स्वराज पार्टी के मैदान में उतरने से त्रिकोणीय मुकाबला बन चुका है। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण की 121 सीटों पर 6 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इस चरण में कुल 1,314 उम्मीदवार मैदान में हैं। 121 सीटों पर 1,690 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन 315 नामांकन अवैध पाए गए और 61 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए। वहीं, 20 जिलों के 122 निर्वाचन क्षेत्रों में 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे, जिसमें 1,302 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में 70 प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया है। जांच के बाद 389 प्रत्याशियों के नामांकन को रद्द किया गया। दो चरणों में मतदान के बाद बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी।

Exit mobile version