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सांसद Ziaur Rahman ने कोर्ट में मानी गलती, जुर्माना देने को तैयार, लेकिन अब भी नहीं हुआ नक्शा पास

Ziaur Rahman

Ziaur Rahman News: संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बिना नक्शा पास कराए मकान निर्माण के मामले में कोर्ट के सामने गलती मान चुके हैं और अब वे शमन शुल्क देने को भी तैयार हैं। सोमवार को एसडीएम वंदना मिश्रा की कोर्ट में हुई सुनवाई में सांसद के वकील ने मकान को वैध कराने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा। कोर्ट ने 3 जून को अंतिम सुनवाई की तारीख तय कर दी है। हालांकि, दिसंबर 2023 से अब तक इस मामले की 10 से ज्यादा बार सुनवाई हो चुकी है, लेकिन हर बार सांसद पक्ष ने समय की मांग की है। अब देखना होगा कि 3 जून को कोर्ट में क्या फैसला आता है।

बार-बार समय मांगने से नाराज कोर्ट, अब 3 जून अंतिम सुनवाई

बिना नक्शा पास कराए मकान निर्माण के मामले में सपा सांसद Ziaur Rahman की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। सोमवार को एसडीएम कोर्ट में एक बार फिर सुनवाई हुई, जहां सांसद के वकील ने मकान को शमन प्रक्रिया से वैध कराने के लिए एक सप्ताह का समय और मांगा। इस पर कोर्ट ने 3 जून को अंतिम सुनवाई तय की है।

एसडीएम वंदना मिश्रा ने बताया कि दिसंबर 2023 में पहली बार नोटिस जारी किया गया था। उसके बाद सांसद पक्ष को कई बार सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन वे हर बार समय की मांग करते रहे। इस दौरान 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

पिता ने भी माना था दोष, नक्शा पास कराने की लगाई थी गुहार

इस मामले में सांसद Ziaur Rahman के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने पहले ही अदालत में यह स्वीकार कर लिया था कि मकान बिना नक्शा पास कराए बनाया गया है। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर नगर पालिका रिकॉर्ड में खुद को संपत्ति का वारिस बताने और नक्शा पास कराने की अनुमति मांगी थी।

हालांकि, कोर्ट ने साफ किया था कि जब तक मकान का मालिकाना हक नाम पर नहीं है, तब तक नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती। ऐसे में अब सांसद खुद सामने आए हैं और जुर्माना देने के लिए तैयार हैं।

अब आगे क्या होगा?

अब निगाहें 3 जून की सुनवाई पर टिकी हैं। यदि सांसद पक्ष इस तारीख को भी पूरी तैयारी के साथ नहीं पहुंचता, तो कोर्ट सख्त रुख अपना सकती है। चूंकि मकान विनियमित क्षेत्र में आता है, इसलिए बिना नक्शा पास कराए निर्माण को अवैध माना जाएगा और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तक हो सकती है। अब देखना होगा कि सांसद इस बार अपने मकान को वैध कराने में सफल हो पाते हैं या नहीं।

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