Satua Baba luxury lifestyle: प्रयागराज में चल रहे माघ मेले की रेती पर इस समय धर्म और आध्यात्म के साथ-साथ वैभव की एक नई तस्वीर उभर रही है। वाराणसी की सतुआ बाबा पीठ के महामंडलेश्वर संतोष दास, जिन्हें दुनिया ‘सतुआ बाबा’ के नाम से जानती है, अपनी लग्जरी जीवनशैली और बेबाक बयानों के कारण मेले के सबसे बड़े आकर्षण बन गए हैं। करोड़ों की कारों का काफिला, चार्टर प्लेन की सवारी और हाथी-ऊंट के रॉयल अंदाज ने श्रद्धालुओं के साथ-साथ सोशल मीडिया को भी हैरान कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नजदीकी और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी सक्रियता ने उन्हें केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली सार्वजनिक हस्ती के रूप में भी स्थापित कर दिया है।
लग्जरी और आध्यात्म का अनूठा संगम
माघ मेले में इस बार Satua Baba का पंडाल सबसे भव्य और व्यवस्थित माना जा रहा है। उनके शिविर के बाहर 3 करोड़ रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर और 4.40 करोड़ रुपये की पोर्श टर्बो 911 जैसी गाड़ियां खड़ी रहती हैं, जिन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं। जब उनसे इन महंगी गाड़ियों और चार्टर प्लेन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी सहजता से कहा कि सनातन धर्म हमेशा से वैभवशाली रहा है और वे इन चीजों के ब्रांड या कीमत पर ध्यान नहीं देते।
DM के रोटी बनाने वाले वीडियो पर विवाद
Satua Baba उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गए जब प्रयागराज के DM मनीष वर्मा का उनके शिविर में रोटी बनाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ। इस पर विपक्ष और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणियों का जवाब देते हुए बाबा ने कहा कि “रोटी बनाना कोई अपराध नहीं है। DM भी एक इंसान हैं और उन्होंने अपनी बचपन की यादें ताजा करने के लिए ऐसा किया।” उन्होंने इसे मुद्दा बनाने वालों की मानसिकता पर भी सवाल उठाए।
प्रमुख राजनैतिक और अंतरराष्ट्रीय रुख
सतुआ बाबा ने राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी राय रखी है:
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अखिलेश यादव पर प्रहार: उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘राम द्रोही’ बताया और कहा कि जाति की राजनीति अब देश में सफल नहीं होगी।
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बांग्लादेश मुद्दा: उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताई और कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो साधु-संत माघ मेले से ही बांग्लादेश कूच करने का संकल्प ले सकते हैं।
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योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा: सीएम योगी को ‘सनातन का ध्वजवाहक’ बताते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की।
सतुआ बाबा का परिचय
Satua Baba का असली नाम संतोष तिवारी है और वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर के रहने वाले हैं। महज 11 साल की उम्र में घर छोड़ने वाले संतोष तिवारी आज विष्णु स्वामी संप्रदाय की 300 साल पुरानी सतुआ बाबा पीठ के 57वें आचार्य हैं।


