school bus accident :यह घटना महरौनी क्षेत्र के छायण गांव के पास की है। जानकारी के मुताबिक, एक स्कूल बस रोज की तरह गांव-गांव से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। लेकिन इस बार बस में क्षमता से कहीं ज्यादा बच्चों को बैठा लिया गया था। बताया जा रहा है कि दूसरी बस के बच्चों को भी उसी बस में बैठा दिया गया, जिससे हालत और खराब हो गई।
बस में थी जरूरत से ज्यादा भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में करीब 100 से 150 बच्चे बैठे हुए थे। इतनी ज्यादा भीड़ होने की वजह से बस पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो गया। बच्चे एक-दूसरे से सटे हुए बैठे थे, जिससे किसी भी समय हादसे का खतरा बना हुआ था।
चालक की लापरवाही से बिगड़ी स्थिति
छात्रों और आसपास के लोगों ने बताया कि चालक की लापरवाही भी इस हादसे की बड़ी वजह बनी। बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई। टक्कर लगते ही बस में चीख-पुकार मच गई और बच्चे घबरा गए।
हादसे के बाद चालक फरार
हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से भाग गया। इससे बच्चों और अभिभावकों में नाराजगी और बढ़ गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कुछ बच्चों को हल्की चोटें जरूर आईं।
छात्रों ने खोली लापरवाही की पोल
बस में सवार छात्रों ओम दीक्षित और आदर्श प्रताप ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। उन्होंने कहा कि अक्सर डीजल बचाने के लिए दो बसों के बच्चों को एक ही बस में बैठा दिया जाता है। इस वजह से हमेशा खतरा बना रहता है।
प्रशासन ने लिया एक्शन
घटना की जानकारी मिलते ही एआरटीओ विपिन चौधरी मौके पर पहुंचे और बस की जांच की। शुरुआती जांच में बस को अनफिट पाया गया। इसके बाद उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के बावजूद कई स्कूल बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं और बसों में क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठा रहे हैं।
बड़ी चेतावनी
हालांकि इस हादसे में कोई बड़ी जानहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक गंभीर चेतावनी जरूर है। अगर समय रहते ऐसी लापरवाही पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

