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पांच बच्चों की मां को हुआ प्यार, चार बच्चों के बाप संग हुई फरार, वायरल हुई फोटो ने मचाया हड़कंप

Siddharthnagar News

Siddharthnagar News : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों और जिम्मेदारियों की परिभाषा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के महरिया गांव की रहने वाली गीता नामक महिला, जो पांच बच्चों की मां है, गांव के ही रहने वाले चार बच्चों के पिता गोपाल पटवा के साथ अचानक लापता हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने तब तूल पकड़ा, जब गीता ने अपने प्रेमी के साथ विवाह की तस्वीर फेसबुक पर साझा कर दी।

5 अप्रैल का है मामला 

यह मामला 5 अप्रैल का है। उस दिन गीता अपने पति और बच्चों को छोड़कर, घर की नगदी और गहनों समेत अचानक घर से गायब हो गई। पति श्रीचंद को लगा कि पत्नी मायके चली गई होगी, लेकिन तीन दिन बाद गांव वालों से उसे पता चला कि गीता की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें वह गोपाल के साथ विवाह के मंडप में नजर आ रही है। यह खबर मिलते ही श्रीचंद स्तब्ध रह गया।

श्रीचंद के हैं पांच बच्चे 

श्रीचंद के पांच बच्चे हैं — चार बेटियाँ और एक बेटा। सबसे बड़ी बेटी 19 वर्ष की है, जबकि सबसे छोटी केवल 5 साल की। मुंबई में पहले वड़ा पाव बेचने वाले श्रीचंद अब गांव में मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है, “वो जो पैसे और गहने लेकर गई है, बस वह लौटा दे। अब उसके साथ हमारा कोई नाता नहीं।”

वहीं दूसरी ओर, गोपाल की पत्नी ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उसका कहना है कि गोपाल पहले मुंबई में राखी बनाने का काम करता था, लेकिन अब न तो वह खर्च भेजता था और न ही परिवार की खबर लेता था। वह स्वयं एक निजी अस्पताल में सफाईकर्मी का काम करके अपने बच्चों का पेट पाल रही है। अब जब गोपाल ने दूसरी शादी कर ली है, तो वह अपने और बच्चों के अधिकार की मांग कर रही है — जायदाद में हिस्सा और गुज़ारे का खर्च।

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दोनों पीड़ित पक्ष — श्रीचंद और गोपाल की पत्नी — स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवा चुके हैं, लेकिन दोनों का यही कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। न कोई पूछने आया, न कार्रवाई हुई। अब ये दोनों परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक तरफ सामाजिक जिम्मेदारियों से भागने की तस्वीर सामने आई है, वहीं दूसरी ओर सिस्टम की खामोशी ने पीड़ितों की पीड़ा को और बढ़ा दिया है।

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