Marriage Fraud Case: एक दो नहीं 25 महिलाओं से की शादी, शातिर ठगने जाल में फंसाकर करी करोड़ों की ठगी

सीतापुर में अनुज त्रिवेदी पर 25 महिलाओं को शादी का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। उसने कई फर्जी नामों से महिलाओं को निशाना बनाया। भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी भी उसके जाल में फंस गए।

Sitapur Marriage Fraud Case

Sitapur Marriage Fraud Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से शादी के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि अनुज त्रिवेदी नाम के शख्स ने अखबारों में छपने वाले वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। उसने एक-दो नहीं, बल्कि करीब 25 महिलाओं को शादी का भरोसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी की। आरोप है कि शादी के बाद वह महिलाओं से लाखों रुपये और कीमती जेवरात ठग लेता था। इस मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब सामने आया कि आरोपी ने भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी के परिवार को भी कथित तौर पर अपने जाल में फंसा लिया था।

विधायक ने जताई नाराजगी

सीतापुर की सेवता विधानसभा सीट से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने बीते गुरुवार को फेसबुक लाइव के जरिए अपनी बेटी की शादी को लेकर बड़ा बयान दिया। करीब चार मिनट के लाइव में वह अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी के साथ नजर आए। विधायक ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में अपनी बेटी की शादी मिश्रिख निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर से की थी। शादी से पहले उन्होंने परिवार के बारे में पूरी जानकारी लेने की कोशिश की थी, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उनके परिवार के साथ भी धोखा हुआ है। विधायक ने अपनी बेटी से अनुज त्रिवेदी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ठगने और उनका सम्मान न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

‘यूपी का रावण’ आरोप

अनुज त्रिवेदी मिश्रिख इलाके के चंद्रावल गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। उस पर महाराष्ट्र, प्रयागराज समेत कई स्थानों पर महिलाओं से शादी करके धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। पीड़ित महिलाओं ने उसे ‘यूपी का रावण’ तक बताया है। आरोप है कि वह अलग-अलग पहचान और नामों का इस्तेमाल करके महिलाओं को शादी के लिए तैयार करता था। इसके बाद उनसे पैसे और जेवर ले लेता था। पीड़िताओं का यह भी आरोप है कि अनुज अपने बेटे प्रखर त्रिवेदी की पहचान ‘अविरल’ के नाम से कराता था। इस मामले में अलग-अलग जगहों पर उसके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज बताए जा रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तारी

महाराष्ट्र पुलिस ने अनुज त्रिवेदी को 24 मई को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय वह चंद्रप्रकाश त्रिवेदी के नाम से कथित तौर पर फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। पुलिस के अनुसार, उसने अजय अग्रवाल, अजय, संतोष सिंह, जयप्रकाश और रमेश चंद्र गुप्ता जैसे कई नामों का इस्तेमाल किया। मामले की जांच में सामने आया कि ठगी की शिकायत पहली बार 4 मार्च 2022 को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के नयानगर थाने में दर्ज हुई थी। एक 75 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया था कि आरोपी ने अखबार में प्रकाशित वैवाहिक विज्ञापन के जरिए उनकी 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया और 1 मार्च 2019 को उससे शादी की थी।

गिरफ्तारी से खुला राज

बताया जाता है कि अनुज त्रिवेदी पहले लखनऊ में सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी चलाता था। बाद में वह नोएडा चला गया, जहां उसने रियल एस्टेट का कारोबार शुरू किया। इसके बाद अनुज और उसका बेटा प्रखर कथित तौर पर ऑनलाइन वैवाहिक माध्यमों के जरिए महिलाओं से संपर्क करने लगे। आरोप है कि अलग-अलग नाम और पहचान का इस्तेमाल करते हुए कई शादियां की गईं और महिलाओं से आर्थिक लाभ लिया गया। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद इस पूरे कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई। गिरफ्तारी के बाद तीन पीड़ित महिलाएं चंद्रावल पहुंचीं और आरोपी की संपत्तियों की जानकारी जुटाकर उन्हें जब्त करने की मांग की। इसके लिए उन्होंने एडीएम आयुष चौधरी को ज्ञापन भी सौंपा।

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