Saharanpur news: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के थाना नागल क्षेत्र स्थित दानियालपुर गांव में मस्जिद के ‘मोहतमिम’ (प्रबंधन) पद को लेकर दो मुस्लिम गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। लंबे समय से चल रहा विवाद सोमवार सुबह उस समय बेकाबू हो गया जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों, कुल्हाड़ियों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति तब और भयावह हो गई जब छतों से जमकर ईंट-पत्थर बरसाए गए, जिसमें महिलाओं समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
विवाद की जड़: मस्जिद का प्रबंधन
मामला मस्जिद की जिम्मेदारी यानी मोहतमिम की कुर्सी से जुड़ा है। एक पक्ष का नेतृत्व इकराम कर रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की कमान अब्दुल रहमान के हाथों में है। दोनों ही गुट मस्जिद पर अपना नियंत्रण चाहते हैं।
-
इकराम पक्ष का आरोप: इकराम ने पुलिस को बताया कि अब्दुल रहमान और उसके साथियों ने सुबह करीब 8 बजे घर में घुसकर हमला किया, दरवाजे तोड़े और परिवार के साथ मारपीट की।
-
अब्दुल रहमान पक्ष का आरोप: दूसरे पक्ष का कहना है कि इकराम पक्ष ने उन्हें मस्जिद सौंपने की धमकी दी थी और नमाज पढ़ने से रोकने की कोशिश की। उनके अनुसार, पहले पत्थरबाजी इकराम पक्ष की ओर से शुरू हुई।
हिंसा का मंजर और घायलों की स्थिति
मंगलवार सुबह गांव में युद्ध जैसा नजारा था। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग छतों पर चढ़कर पत्थरबाजी कर रहे हैं। इस हमले में अमरिशा नामक महिला के सिर में गंभीर चोट आई है, वहीं इकराम भी बुरी तरह घायल हुआ है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
सूचना मिलते ही थाना नागल पुलिस Saharanpur ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
-
क्रॉस FIR: पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
-
पुलिस बल की तैनाती: गांव में दोबारा हिंसा न हो, इसके लिए पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
-
जांच: पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।
Saharanpur पुलिस अधिकारी का बयान:
“मस्जिद के मोहतमिम पद को लेकर विवाद हुआ है। हमने क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ एनएसए या सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है।”
