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UP में दलालों और रिश्वत लेने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर केंद्र सरकार का कड़ा एक्शन, केंद्रीय एजेंसियों के जरिए होगा बड़ा ऑपरेशन

2024 के चुनाव से ठीक पहले सेंट्रल की केंद्रीय एजेंसियों ने अपना डेरा उत्तर प्रदेश में डाल दिया है। पीएमओ यानी प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारियों और कुछ मंत्रियों के खिलाफ जांच करनी शुरू कर दी है। इनके ऊपर यह आरोप है की टेंडर मैनेज किए जा रहे हैं और दलालों के नेटवर्क के जरिए रिश्वत ली जा रही है।

प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के एक बड़े कैबिनेट मंत्री के नाम से शिकायत की बड़ी फाइल दिल्ली पहुंची और उसके बाद उस मंत्री के खिलाफ जांच करने का आदेश पीएमओ ने सेंट्रल एजेंसियों को दिया, पीएमओ से उन एजेंसियों को यह आदेश मिला है कि उन मंत्री साहब का तो डोजियर बनाइए ही इसके अलावा उनके नेटवर्क में कौन-कौन लोग हैं वह भी जांच के दायरे में आने चाहिए पुख्ता सूत्रों के मुताबिक यह खबर पीएमओ को मिली है की टेंडर अधिकारी और मंत्री अपनी इच्छा से बना रहे हैं टेंडर बनने से पहले जो आरएफ पी बनती है उसमें नियम और शर्तें उसी कंपनी के हिसाब से बनती हैं जिसे काम देने का वादा हो चुका होता है
सूत्रों ने यह भी बताया की इन मंत्री जी के साथ एक बड़े पत्रकार भी शामिल हैं जब इन पत्रकार साहब का कोई मैसेज मंत्री जी के पास आ जाता है उसके बाद मंत्री जी की हैसियत नहीं कि उनके काम को मना कर दें एक सीनियर आईएएस अधिकारी भी इनके साथ जुड़ा हुआ है जो फिलहाल शंटिंग में है, शिकायतकर्ता ने यह भी जानकारी दी है कि मंत्री जी ने अपने विभाग में जिन अधिकारियों की तैनाती करा रखी है वह आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की भी नहीं सुनते, उनके लिए मंत्री का आदेश ही आखिरी आदेश है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में करप्शन फ्री माहौल बनाना चाहते हैं और खासतौर पर जहां – जहां भाजपा की सरकार है वहां अगर कोई मंत्री करप्शन में लिप्त रहता है तो उसकी मोदी सरकार में खैर नहीं होती इसके अलावा अगर करप्शन देश के सबसे ईमानदार मुख्यमंत्री के राज्य में हो रहा है उसके बाद तो बर्दाश्त करने का मतलब ही नहीं होता मोदी और योगी की जोड़ी ऐसी है कि कोई भी इनके सामने नहीं टिक पाता ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करते हैं मुख्यमंत्री कार्यालय जितना सीएम योगी आदित्यनाथ के समय में करप्शन फ्री रहा है उतना किसी भी मुख्यमंत्री के कार्यकाल में नहीं रहा होगा ।

लेकिन यूपी के एक बड़े मंत्री के अलावा कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी की पॉलिसी से हटकर काम करना शुरू किया है उन्होंने अपने विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर ला दिया है।
सूत्रों के मुताबिक यूपी के एक बड़े मंत्री के अलावा बाकी कई मंत्रियों के खिलाफ सेंट्रल एजेंसी सुबूत जुटा रही है उनका डोजियर बनाया जा रहा है डोजियर में खास बातें यह रहेंगी कि मंत्री जी के अधिकारी कौन खास है कौन पत्रकार उनके नेटवर्क में है या प्राइवेट आदमियों की एक्सेस कितनी है उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे प्रदेश का कौन सा बड़ा उद्योगपति उनके साथ जुड़ा है।
हमारे सूत्रों ने यूपी के उस बड़े मंत्री का नाम बताया लेकिन जांच पूरी होने से पहले उसका नाम छापना सही नहीं होगा इसके अलावा आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे मंत्री हैं जिनका डोजियर तैयार किया जा रहा है।

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