Attack in Train: शंकराचार्य पर मुकदमा लिखने वाले पर ट्रेन में हमला, क्यों हुई नाक काटने की कोशिश

ट्रेन में साधु आशुतोष ब्रह्मचारी पर अज्ञात लोगों ने हमला किया और उनकी नाक काटने की कोशिश की। घायल साधु ने टॉयलेट में छिपकर जान बचाई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Attack on Monk in Train: उत्तर प्रदेश में ट्रेन के अंदर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। आशुतोष ब्रह्मचारी नाम के एक साधु पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों के पास धारदार हथियार थे और उन्होंने साधु के चेहरे पर कई वार किए। हमलावरों का मुख्य निशाना उनकी नाक थी, जिसे काटने की कोशिश की गई। हमले के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके चेहरे और नाक पर चोटें आईं और शरीर के कुछ हिस्सों से खून भी निकलने लगा। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उनके शरीर पर लगी चोटें दिखाई दे रही हैं। घटना के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कौशांबी के सिराथू के पास हुई घटना

मिली जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी ट्रेन से प्रयागराज की ओर यात्रा कर रहे थे। जब ट्रेन कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी कुछ अज्ञात लोग अचानक उनके पास आ गए। बताया जा रहा है कि हमलावर पहले से ही पूरी तैयारी के साथ आए थे। उनके हाथों में तेज धार वाले हथियार थे। जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को घेर लिया और सीधे उनके चेहरे पर हमला करना शुरू कर दिया। हमलावरों ने बार-बार उनके चेहरे पर वार किए और खास तौर पर उनकी नाक को निशाना बनाया। इस हमले में आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। घटना के दौरान ट्रेन के कोच में मौजूद यात्रियों के बीच डर और घबराहट का माहौल बन गया।

टॉयलेट में छिपकर बचाई अपनी जान

अचानक हुए इस हमले से पूरे कोच में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए आशुतोष ब्रह्मचारी घायल हालत में वहां से भागे। खून से लथपथ हालत में वे ट्रेन के टॉयलेट तक पहुंचे और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। हमलावरों ने टॉयलेट का दरवाजा तोड़ने की भी कोशिश की। लेकिन तब तक कोच में मौजूद अन्य यात्रियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। लोगों की सक्रियता और बढ़ते शोर को देखकर हमलावर मौके से भाग गए। टॉयलेट के अंदर से ही आशुतोष ब्रह्मचारी ने फोन के जरिए पुलिस को इस घटना की सूचना दी। जब ट्रेन प्रयागराज पहुंची, तब उन्होंने पुलिस से मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी और अपना प्राथमिक इलाज भी कराया।

किस पर साजिश का आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे साजिश होने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रयागराज में जीआरपी को दी गई अपनी शिकायत में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और उनके कुछ अन्य सहयोगियों के नाम भी लिए हैं। आशुतोष का कहना है कि इन लोगों ने मिलकर उनकी नाक काटने और उनकी जान लेने की योजना बनाई थी। उनका दावा है कि उन्होंने शंकराचार्य के खिलाफ अदालत में कानूनी कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं।

उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि उनकी नाक काटने के लिए इनाम तक घोषित किया गया था। इसी वजह से उनके ऊपर यह हमला करवाया गया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की शिकायत मिलने के बाद प्रयागराज पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चूंकि यह घटना कौशांबी जिले के सिराथू के पास हुई है, इसलिए इस मामले की जांच में जीआरपी और स्थानीय पुलिस दोनों मिलकर काम करेंगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी और उस समय मौजूद यात्रियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी सबूतों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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