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UP News : Yogi का सख्त आदेश नाबालिगों की बाइक रफ्तार पर लगेगा ब्रेक सभी 75 जिलों में चलेगा अभियान

UP Government, Road Safety

Underage driving action in Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी 75 जिलों में नाबालिग बच्चों के बाइक और स्कूटी चलाने पर सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के बाद यह आदेश जारी किया गया है। अब अगर कोई नाबालिग बच्चा स्कूल यूनिफॉर्म में बाइक दौड़ाता नजर आया, तो उस पर और उसके माता-पिता पर भी कार्रवाई होगी।

बच्चों की जान और सड़क सुरक्षा दोनों खतरे में

सरकार का यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि हाल के समय में नाबालिग बच्चों द्वारा गाड़ी चलाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। तेज़ रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कई हादसों की वजह बन रही है। ऐसे में सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को रोकने के लिए यह कदम उठाया है।

पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर करेंगे काम

इस अभियान को सफल बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें मिलकर काम करेंगी। स्कूल और कॉलेज के बाहर छुट्टी के समय खास निगरानी रखी जाएगी। टीमें गाड़ियों की नंबर प्लेट का वीडियो बनाएंगी और बाद में उस गाड़ी से जुड़े बच्चे के माता-पिता से संपर्क किया जाएगा।

माता-पिता और स्कूल को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा

सरकार ने साफ कर दिया है कि नाबालिग बच्चों के वाहन चलाने पर सिर्फ बच्चों को ही नहीं, उनके माता-पिता और स्कूल प्रशासन को भी जिम्मेदार माना जाएगा। अगर कोई बच्चा बाइक चलाते पकड़ा गया, तो उसके माता-पिता को नोटिस भेजा जाएगा। साथ ही स्कूल के प्रिंसिपल और प्रबंधन को भी चेतावनी दी जाएगी। अगर स्कूल इस मामले में लापरवाही दिखाएगा, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

काउंसलिंग और जागरूकता अभियान भी चलेंगे

सिर्फ सख्ती ही नहीं, सरकार काउंसलिंग और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगी। अभिभावकों को बुलाकर उन्हें समझाया जाएगा कि बच्चों को इस उम्र में गाड़ी चलाने से रोकें। साथ ही बच्चों को भी सड़क सुरक्षा के नियम सिखाए जाएंगे, ताकि वे समझ सकें कि ट्रैफिक नियमों का पालन कितना ज़रूरी है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने नाबालिगों के दोपहिया वाहन चलाने पर सख्ती दिखाने का जो फैसला लिया है, वह सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद ज़रूरी है। इससे न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

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