nnao Rape Case: सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर रोक के बाद कौन सा केस सुर्खियों में जानिए पूरा मामला और उसकी टाइमलाइन

उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक अहम है। यह मामला सत्ता के दुरुपयोग, पीड़िता की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की साख से जुड़ा है।

Unnao rape case supreme court trial

Unnao Rape Case:उन्नाव रेप केस से जुड़ी सुनवाई हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच के सामने हुई। इस बेंच में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह शामिल थे। कोर्ट ने दोनों पक्षों की करीब 40 मिनट तक दलीलें सुनीं। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि जिन हाई कोर्ट जजों ने सजा सस्पेंड की, वे बेहद काबिल हैं, लेकिन गलती किसी से भी हो सकती है। इस टिप्पणी के बाद कोर्ट में मौजूद पीड़िता भावुक हो गई और रोते हुए कहा कि वह अपने दोषियों को फांसी तक पहुंचाकर ही दम लेगी।

क्या है उन्नाव रेप केस

यह मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ से चार बार विधायक रहे और पूर्व बीजेपी नेता कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़ा है। आरोप है कि 4 जून 2017 को 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप किया गया। इस अपराध में कुलदीप के भाई अतुल सिंह, रिश्तेदार शशि सिंह, कुछ पुलिसकर्मी और अन्य लोगों के नाम भी सामने आए।

पीड़िता को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कानपुर ले जाया गया। बाद में उसे कुलदीप के घर ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ। इस घटना के बाद भी लंबे समय तक कुलदीप के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित परिवार पर बढ़ता दबाव

एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां मिलती रहीं। आरोप है कि कुलदीप ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पीड़िता के चाचा के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए। हालात इतने बिगड़ गए कि पीड़िता ने अप्रैल 2018 में लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश तक कर ली।

इसके अगले ही दिन पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों और अंदरूनी ब्लीडिंग की बात सामने आई। इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।

CBI जांच और सजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी गई। अप्रैल 2018 में कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। केस दिल्ली की अदालत में ट्रांसफर हुआ और तेज सुनवाई के बाद दिसंबर 2019 में कुलदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने पीड़िता को मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपये देने का भी आदेश दिया।

हालिया विवाद और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका

23 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की उम्रकैद की सजा सस्पेंड कर जमानत दे दी। इस फैसले से पीड़िता और उसका परिवार डरे हुए हैं। CBI ने इसे चुनौती दी और 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।

उन्नाव रेप केस इसलिए खास है क्योंकि इसमें सत्ता, पुलिस और सिस्टम की गंभीर नाकामी सामने आई। यह मामला सिर्फ एक पीड़िता का नहीं, बल्कि पूरे न्याय तंत्र की परीक्षा बन गया है।

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