UP Assembly: मानसून सत्र की शुरुआत, सीएम योगी बोले- 9 साल में 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया। सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने पिछले नौ वर्षों में छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का काम किया है।

UP Assembly Monsoon Session

UP Assembly : उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार के पिछले नौ वर्षों के कामकाज और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विकास, गरीब कल्याण और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए लगातार काम किया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि मानसून सत्र के दौरान जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा होगी और प्रदेश के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।

गरीबी पर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी का परिणाम है कि छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने में सफलता मिली है। उनके अनुसार सरकार ने गरीब परिवारों को आवास, मुफ्त राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, शौचालय, बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया।

विकास योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश को बढ़ावा देने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया गया है। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिति दोनों में सकारात्मक बदलाव आया है।

सत्र में कई मुद्दों पर होगी चर्चा

मानसून सत्र के दौरान सरकार विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक और प्रस्ताव सदन में पेश कर सकती है। वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, किसानों और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई विषयों पर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक नजरें सत्र पर

विधानसभा का यह मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार अपनी उपलब्धियों को सदन के माध्यम से जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगने की रणनीति के साथ मैदान में उतरेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही और दोनों पक्षों के बीच होने वाली बहस पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

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