खतरे में कुर्सी! मकर संक्रांति के बाद ‘बेरोजगार’ होंगे कई मंत्री, दिल्ली से आया फरमान।

यूपी में गुजरात की तर्ज पर कैबिनेट फेरबदल की तैयारी है, जिसमें 70% मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मकर संक्रांति के बाद बड़े बदलाव और नए चेहरों की एंट्री की संभावना है।

UP Cabinet reshuffle

UP Cabinet reshuffle: उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार ‘गुजरात मॉडल’ अपनाते हुए अपने मंत्रिमंडल से करीब 70 फीसदी पुराने चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। इस बड़े फेरबदल का मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता विरोधी लहर को कम करना और नए, ऊर्जावान चेहरों को मौका देना है। हाल ही में कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद संगठन और सरकार के बीच तालमेल बैठाने के लिए कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद किसी भी समय नई कैबिनेट का स्वरूप सामने आ सकता है, जिसमें क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों, खासकर ओबीसी और दलित वर्ग पर विशेष फोकस रहेगा।

यूपी कैबिनेट में ‘बुलडोजर’ फेरबदल की तैयारी

उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के बीच हुई बैठकों ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि आगामी कैबिनेट विस्तार केवल खाली पदों को भरने के लिए नहीं, बल्कि पूरी टीम को ‘रीफ्रेश’ करने के लिए होगा।

क्या है गुजरात फॉर्मूला?

बीजेपी ने गुजरात चुनाव से पहले रातों-रात पूरी कैबिनेट बदल दी थी। यूपी में भी सूत्रों का कहना है कि जो मंत्री 2017 से लगातार पद पर बने हुए हैं, उनकी विदाई लगभग तय है। उन्हें संगठन में वापस भेजकर चुनावी तैयारियों में लगाया जा सकता है।

नए चेहरों की संभावित एंट्री

चर्चा है कि इस बार आकाश सक्सेना (रामपुर), पंकज सिंह (नोएडा), और भूपेंद्र चौधरी जैसे कद्दावर नेताओं को कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। साथ ही, सपा और अन्य दलों से आए पूजा पाल और मनोज पांडेय जैसे नामों पर भी दांव लगाया जा सकता है ताकि विपक्षी खेमे को कमजोर किया जा सके।

वर्तमान मंत्री परिषद और संभावित बदलाव की सूची

नीचे उन UP Cabinet reshuffle मंत्रियों की सूची दी गई है जिनकी कुर्सी पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं या जिन्हें संगठन में भेजा जा सकता है (सूत्रों और 70% कटौती के अनुमान के आधार पर):

पद

मंत्री का नाम

स्थिति/संभावना

कैबिनेट मंत्री

केशव प्रसाद मौर्य (उप मुख्यमंत्री)

संगठन में बड़ी भूमिका की चर्चा

कैबिनेट मंत्री

ब्रजेश पाठक (उप मुख्यमंत्री)

बने रह सकते हैं

कैबिनेट मंत्री

सुरेश कुमार खन्ना

वरिष्ठता के आधार पर संशय

कैबिनेट मंत्री

सूर्य प्रताप शाही

संगठन में वापसी संभव

कैबिनेट मंत्री

स्वतंत्र देव सिंह

बदलाव संभव

कैबिनेट मंत्री

बेबी रानी मौर्य

बदलाव की संभावना

कैबिनेट मंत्री

लक्ष्मी नारायण चौधरी

हटाए जा सकते हैं

कैबिनेट मंत्री

जयवीर सिंह

प्रदर्शन के आधार पर संशय

कैबिनेट मंत्री

धर्मपाल सिंह

संगठन में भेजे जा सकते हैं

कैबिनेट मंत्री

नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’

बदलाव संभव

कैबिनेट मंत्री

अनिल राजभर

जातिगत समीकरण से सुरक्षित?

कैबिनेट मंत्री

राकेश सचान

संशय

कैबिनेट मंत्री

अरविंद कुमार शर्मा

बने रह सकते हैं

कैबिनेट मंत्री

योगेंद्र उपाध्याय

हटाए जा सकते हैं

कैबिनेट मंत्री

आशीष पटेल (अपना दल-एस)

सुरक्षित (गठबंधन कोटा)

कैबिनेट मंत्री

संजय निषाद (निषाद पार्टी)

सुरक्षित (गठबंधन कोटा)

कैबिनेट मंत्री

ओम प्रकाश राजभर (SBSP)

सुरक्षित

कैबिनेट मंत्री

दारा सिंह चौहान

सुरक्षित

राज्य मंत्री (स्व. प्र.)

नितिन अग्रवाल, कपिल देव अग्रवाल

प्रदर्शन की समीक्षा

राज्य मंत्री (स्व. प्र.)

रवीन्द्र जायसवाल, संदीप सिंह

बदलाव संभव

राज्य मंत्री (स्व. प्र.)

गुलाब देवी, गिरीश चन्द्र यादव

हटाए जा सकते हैं

राज्य मंत्री (स्व. प्र.)

धर्मवीर प्रजापति, आसिम अरुण

संशय

राज्य मंत्री (स्व. प्र.)

दयाशंकर सिंह, जेपीएस राठौर

संगठन में जा सकते हैं

राज्य मंत्री

दानिश आज़ाद अंसारी, सतीश शर्मा

समीक्षा के घेरे में

राज्य मंत्री

अन्य 15+ राज्य मंत्री

अधिकांश नए चेहरों से बदलेंगे

नोट: UP Cabinet reshuffle फेरबदल का अंतिम निर्णय बीजेपी हाईकमान और मुख्यमंत्री के विवेकाधिकार पर निर्भर है। यह सूची राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और सूत्रों के दावों पर आधारित है।

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