यूपी में जनगणना 2027 की तैयारी: हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में समन्वय समितियां गठित

यूपी में 2026 की जनगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियां गठित की गई हैं, जिनका कार्यकाल जून 2027 तक होगा। मई-जून 2026 में मकानों की सूचीकरण (House Listing) का महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कार्य संपन्न किया जाएगा।

UP Census 2026

UP Census 2027: उत्तर प्रदेश में आगामी जनगणना की सुगबुगाहट तेज हो गई है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद, राज्य प्रशासन ने जनगणना 2026-2027 के सफल संचालन के लिए जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समितियों का गठन कर दिया है। इन समितियों का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2027 तक निर्धारित किया गया है। प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी (DM) इस समिति के अध्यक्ष होंगे, जिन्हें ‘प्रमुख जनगणना अधिकारी’ के रूप में नामित किया गया है। उनके साथ एडीएम (वित्त) संयोजक की भूमिका निभाएंगे। यह ढांचा सुनिश्चित करेगा कि दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक को जमीनी स्तर पर सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके, जिससे प्रदेश के भविष्य की योजनाओं का आधार तैयार होगा।

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प्रशासनिक ढांचा और जिम्मेदारी

UP Census 2027 प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत टीम तैयार की है। समितियों में नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी (CDO), जिला पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला सूचना अधिकारियों को शामिल किया गया है। नगर निगम वाले क्षेत्रों में नगर आयुक्तों की भूमिका अहम होगी। यह टीम न केवल आंकड़ों का संकलन करेगी, बल्कि प्रशिक्षण, वित्तीय उपयोगिता प्रमाण पत्र और जिला जनगणना पुस्तिका तैयार करने जैसे जटिल कार्यों की निगरानी भी करेगी।

महत्वपूर्ण समयसीमा और चरण

शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जनगणना दो मुख्य चरणों में पूरी की जाएगी:

  1. मकान सूचीकरण (House Listing): इसका क्षेत्रीय कार्य मई-जून 2026 में आयोजित होगा। इसके लिए प्रारंभिक तैयारियां मार्च-अप्रैल 2026 से ही शुरू कर दी जाएंगी।

  2. जनसंख्या गणना: दूसरे चरण में व्यक्तियों की वास्तविक गणना और आंकड़ों का सारणीकरण किया जाएगा।

मेरठ जैसे बड़े केंद्रों में ‘स्टेटिस्टिकल इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट’ (SIR) के बाद अब मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण की तैयारी है। डीएम डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में वहां भी रणनीति तैयार कर ली गई है।

आंकड़ों की महत्ता

यह UP Census 2027 प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगी। समिति की जिम्मेदारी केवल संख्या गिनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (Handbook) तैयार करने और आंकड़ों के प्रकाशन तक विस्तृत है। इन आंकड़ों के आधार पर ही आगामी दशक के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे की योजनाओं का खाका खींचा जाएगा। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रयोग के कारण इस बार डेटा की सटीकता और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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