UP Assembly Election 2027: पूर्वांचल की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाने के लिए समाजवादी पार्टी ने वाराणसी की उत्तरी और दक्षिणी सीटों पर खास रणनीति बनानी शुरू की।
चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी माहौल अभी से बनना शुरू हो गया है। धीरे-धीरे सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं और जमीन पर सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
पूर्वांचल की अहम भूमिका
प्रदेश की राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि जो पार्टी पूर्वांचल में मजबूत होती है, उसके लिए सत्ता का रास्ता आसान हो जाता है। इसी वजह से सभी दल इस क्षेत्र पर खास ध्यान देते हैं।
वाराणसी बना केंद्र बिंदु
पूर्वांचल का सबसे बड़ा राजनीतिक केंद्र वाराणसी को माना जाता है। यहां कुल आठ विधानसभा सीटें हैं। इनमें से शहर की चार सीटें काफी अहम मानी जाती हैं, जहां मुकाबला हमेशा दिलचस्प रहता है।
दो सीटों पर खास फोकस
समाजवादी पार्टी ने अभी से वाराणसी की उत्तरी और दक्षिणी विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। पार्टी का मानना है कि इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन से पूरे क्षेत्र में मजबूत संदेश जाएगा।
उत्तरी सीट का समीकरण
वाराणसी की उत्तरी सीट पर इस समय बीजेपी के विधायक और मंत्री रविंद्र जायसवाल हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में सपा उम्मीदवार को करीब 40 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। लेकिन इस बार मतदाता सूची में नाम कटने की चर्चा इस सीट को अहम बना रही है।
दक्षिणी सीट पर कड़ा मुकाबला
दक्षिणी विधानसभा सीट पर भी बीजेपी का कब्जा है, लेकिन पिछला चुनाव बेहद करीबी रहा था। इस क्षेत्र में ज्ञानवापी, दालमंडी और व्यापार से जुड़े मुद्दे काफी असर डालते हैं। सपा इन मुद्दों को उठाकर लोगों को अपनी तरफ लाने की कोशिश कर रही है।
हर वर्ग पर नजर
समाजवादी पार्टी के नेता इन दोनों सीटों पर हर वर्ग के मतदाताओं से संपर्क बनाने में जुटे हैं। पार्टी की कोशिश है कि किसी भी वर्ग को नजरअंदाज न किया जाए और सभी को साथ लेकर चला जाए।
टिकट के लिए बढ़ी दावेदारी
चुनाव में टिकट पाने की होड़ भी अभी से शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, वाराणसी की दोनों सीटों पर करीब 8-8 नेता टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। इनमें अलग-अलग समाज और समुदाय के लोग शामिल हैं।
आगे क्या रहेगा रुख
अब देखने वाली बात यह होगी कि समाजवादी पार्टी किन चेहरों पर भरोसा जताती है। उम्मीदवारों का चयन ही आने वाले चुनाव में पार्टी की जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
