UP Electric Bus: यूपी के 6 और जिलों में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, जानें क्या आपका शहर भी शामिल

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। परिवहन विभाग ने प्रदेश के छह प्रमुख जिलों में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए ₹12.60 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है। इस योजना का लक्ष्य लखनऊ, अयोध्या और प्रयागराज के सफल संचालन के बाद अब अन्य शहरों को भी हाई-टेक इलेक्ट्रिक बस सेवा से जोड़ना है।

UP Electric Bus: उत्तर प्रदेश में ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को रफ्तार देने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर काम शुरू हो गया है। इसी क्रम में विभाग ने छह जिलों में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए वित्तीय स्वीकृति देते हुए पहली किस्त जारी कर दी है।

 इन 6 जिलों की चमकेगी किस्मत

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, पहले चरण में निम्नलिखित छह जिलों को चार्जिंग स्टेशनों के लिए बजट आवंटित किया गया है:
1. आजमगढ़
2. बलिया
3. मेरठ
4. बदायूं
5. झांसी
6. जालौन

 बजट का गणित: ₹80 करोड़ का मेगा प्लान

प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन के निर्माण पर लगभग ₹5.05 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। काम को बिना किसी देरी के शुरू करने के लिए शासन ने प्रति जिला ₹2.52 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है।
सरकार की योजना केवल इन छह जिलों तक सीमित नहीं है। चरणबद्ध तरीके से कुल 16 जिलों में ऐसे स्टेशन बनाए जाएंगे, जिस पर कुल ₹80.50 करोड़ खर्च किए जाने का प्रावधान है। इसमें से ₹40.46 करोड़ की राशि जारी करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

 मौजूदा स्थिति और भविष्य की राह

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का सफल संचालन मुख्य रूप से लखनऊ से अयोध्या और लखनऊ से प्रयागराज के बीच हो रहा है। इन रूटों पर यात्रियों की भारी भीड़ और सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार अब पूरे प्रदेश को इस नेटवर्क से जोड़ना चाहती है।

नए चार्जिंग स्टेशन बनने से न केवल अंतर-शहरी (Inter-city) कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि यह डीजल बसों पर निर्भरता कम करके वायु प्रदूषण को घटाने में भी सहायक सिद्ध होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से निजी क्षेत्र की इलेक्ट्रिक गाड़ियों को भी भविष्य में प्रोत्साहन मिलेगा।

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