UP electricity new connection price: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नई ‘कास्ट डाटा बुक’ के प्रभावी होने के साथ ही प्रदेश में नए बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया न केवल सस्ती बल्कि बेहद आसान हो गई है। 11 जनवरी 2026 से लागू हुई नई दरों के अनुसार, अब 1 और 2 किलोवॉट के कनेक्शन की लागत को लगभग आधा कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने नए सिस्टम को अपडेट कर दिया है, जिससे अब उपभोक्ताओं को पुराने ₹6400 के बजाय मात्र ₹3198 खर्च करने होंगे। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर हुआ है, जहां अब उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार की सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी मनी) नहीं वसूली जाएगी।
लागत में भारी कटौती और नए नियम
UP electricity उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने 31 दिसंबर 2025 को नई कास्ट डाटा बुक का आदेश जारी किया था। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य बिजली कनेक्शन की दरों में पारदर्शिता लाना और आम जनता पर आर्थिक बोझ कम करना है। नए नियमों के तहत:
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सिंगल फेस स्मार्ट मीटर: अब इसकी कीमत मात्र ₹2800 तय की गई है।
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थ्री फेस स्मार्ट मीटर: इसके लिए उपभोक्ताओं को ₹4100 का शुल्क देना होगा।
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सिक्योरिटी मनी: प्रीपेड मीटर कनेक्शन लेने वालों को अब सिक्योरिटी डिपॉजिट से पूरी तरह छूट दी गई है।
पहले स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर बिना अनुमति के लगभग ₹6016 का अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा था, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
उपभोक्ताओं को वापस मिलेंगे 116 करोड़ रुपये?
UP electricity यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, 10 सितंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 के बीच लगभग 3,59,261 नए कनेक्शन के लिए पुराने एस्टीमेट के आधार पर भुगतान किया गया था। परिषद की मांग है कि जिन उपभोक्ताओं ने अधिक शुल्क दिया है, उन्हें लगभग 116 करोड़ रुपये उनके बिजली बिलों के माध्यम से समायोजित (Adjust) कर वापस किए जाएं। पावर कॉर्पोरेशन को अब अपने सॉफ्टवेयर में इस बदलाव को लागू करने की आवश्यकता है ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।
इस कदम से उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी पर लगाम लगने और अधिक से अधिक लोगों को वैध कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। प्रीपेड मीटरिंग को बढ़ावा देने से विभाग का राजस्व प्रबंधन भी बेहतर होगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसे उपभोक्ताओं की जीत बताया है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।









