Uttar Pradesh की फाइनल वोटर लिस्ट जारी,SIR के बाद लाखों नए मतदाता हुए शामिल

Election Commission of India के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बाद उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई है। ड्राफ्ट सूची की तुलना में 84 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं, जबकि 18–19 आयु वर्ग और महिला मतदाताओं की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

Uttar Pradesh: Election Commission of India के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) अभियान के बाद उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को जारी कर दी गई है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि इस व्यापक अभियान के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई है। SIR अभियान से पहले प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 15 करोड़ 44 लाख थी, जबकि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में यह संख्या 12 करोड़ 55 लाख दर्ज की गई थी। ड्राफ्ट सूची की तुलना में अंतिम सूची में 84,28,767 मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इस अभियान की व्यापकता और प्रभाव को दर्शाता है।

अंतिम मतदाता सूची में क्या हैं प्रमुख आंकड़े?

जारी अंतिम सूची के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 13,39,84,792 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 7,30,71,061 पुरुष (54.54%), 6,09,09,525 महिला (45.46%) और 4,206 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि 18–19 वर्ष आयु वर्ग के नए मतदाताओं की संख्या 17,63,360 तक पहुंच गई है, जो युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। इसके साथ ही जेंडर रेशियो भी सुधरकर 834 हो गया है, जो पहले 824 था।

ड्राफ्ट सूची की तुलना में कितना बढ़ा मतदाता आधार?

6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 12,55,56,025 थी। अंतिम सूची जारी होने तक कुल 84,28,767 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई। इनमें 42,27,902 पुरुष मतदाता, 42,00,778 महिला मतदाता और 87 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 18–19 आयु वर्ग में 14,29,379 नए मतदाता जुड़े, जो भविष्य की लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।

SIR अभियान की टाइमलाइन क्या रही?

SIR अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर 2025 को घोषणा के साथ हुई। इसके बाद 4 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक गणना चरण पूरा किया गया।
6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई और 6 जनवरी से 6 मार्च तक दावा और आपत्तियों की प्रक्रिया चली। इसके बाद 27 मार्च तक सुनवाई और सत्यापन का कार्य पूरा कर 10 अप्रैल 2026 को अंतिम सूची जारी कर दी गई।करीब 166 दिनों तक चले इस अभियान में प्रशासन, निर्वाचन अधिकारियों और राजनीतिक दलों का सक्रिय सहयोग रहा।

किन जिलों में सबसे ज्यादा बढ़े मतदाता?

SIR अभियान के दौरान कई जिलों में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। प्रयागराज जिले में सबसे ज्यादा 3,29,421 नए मतदाता जुड़े। इसके बाद लखनऊ (2,85,961), बरेली (2,57,920), गाजियाबाद (2,43,666) और जौनपुर (2,37,590) जिलों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शहरी और तेजी से विकसित हो रहे जिलों में मतदाता पंजीकरण की रफ्तार अधिक रही।

 

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