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UP Flood Rescue: पानी, जमीन और कीचड़ पर दौड़ेगा ‘हनुमान रथ’, 3 करोड़ की लागत से तैयार खास रेस्क्यू वाहन

Special Rescue Vehicle: उत्तर प्रदेश में बाढ़ के दौरान राहत और बचाव अभियान को तेज करने के लिए एक खास वाहन तैयार किया गया है, जिसे ‘हनुमान रथ’ नाम दिया गया है। करीब 3 करोड़ रुपये की लागत वाला यह वाहन सामान्य रेस्क्यू गाड़ियों से अलग है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पानी के साथ-साथ जमीन पर भी चल सकता है। ऐसे समय में जब बाढ़ के कारण सड़कें और रास्ते पूरी तरह डूब जाते हैं, यह वाहन राहत टीमों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

पानी में भी सफर

‘हनुमान रथ’ को खास तौर पर उन इलाकों के लिए तैयार किया गया है, जहां बाढ़ का पानी कई फीट तक भर जाता है। वाहन पानी में आगे बढ़ते हुए जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकता है और राहत सामग्री पहुंचाने में मदद करेगा। इसके जरिए उन स्थानों तक भी पहुंचने की कोशिश की जाएगी, जहां सामान्य वाहन या राहत दल आसानी से नहीं पहुंच पाते। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अधिक जलभराव वाले इलाकों में इसका इस्तेमाल राहत सामग्री पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

अंधेरे में निगरानी

इस रेस्क्यू वाहन में रात के समय काम करने के लिए खास कैमरे भी लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से अंधेरे में भी आसपास के इलाके को देखा जा सकेगा। बाढ़ के दौरान रात में रेस्क्यू ऑपरेशन सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि पानी का बहाव, टूटे रास्ते और कम रोशनी बचाव दल के लिए खतरा बढ़ा देते हैं। ऐसे में नाइट-विजन क्षमता वाला कैमरा टीम को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।

पहली बार बाढ़ में

‘हनुमान रथ’ का इस्तेमाल अब बाढ़ के दौरान पहली बार किया जाना है। इसका उद्देश्य सिर्फ लोगों को सुरक्षित निकालना ही नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सामान पहुंचाना भी है। भोजन, पानी और अन्य राहत सामग्री को ऐसे स्थानों तक पहुंचाने में यह वाहन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जहां सामान्य राहत वाहन पहुंचने में असमर्थ रहते हैं।

राहत में नई ताकत

बाढ़ जैसी आपदा में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। कई बार कुछ घंटे की देरी भी लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा देती है। ऐसे में जमीन और पानी दोनों पर चलने वाले इस वाहन से रेस्क्यू टीम को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ‘हनुमान रथ’ आने वाले बाढ़ राहत अभियानों में कितना प्रभावी साबित होता है, यह इसके वास्तविक इस्तेमाल के बाद साफ होगा।

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