यूपी में स्वास्थ्य का ‘योगी मॉडल’: 40 से 81 हुए मेडिकल कॉलेज, अब ग्लोबल हब बनने की तैयारी!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 'यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0' का उद्घाटन करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल हब बन रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले राज्य में सिर्फ 40 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 81 हो चुके हैं।

UP Healthtech Conclave 1.0

UP Healthtech Conclave 1.0: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ‘यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0’ का शुभारंभ करते हुए उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलावों का खाका पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश न केवल अपनी 25 करोड़ की आबादी, बल्कि पड़ोसी राज्यों और देशों के मिलाकर लगभग 35 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का केंद्र बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारते हुए पिछले पौने नौ वर्षों में राज्य ने इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि की है। सीएम ने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे 2017 तक राज्य में निजी और सरकारी मिलाकर केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब दोगुनी से अधिक होकर 81 तक पहुंच गई है।

हेल्थकेयर और फार्मा का ग्लोबल हब बनेगा यूपी

मुख्यमंत्री ने UP Healthtech Conclave 1.0 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट के रूप में उभरा है। उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित माहौल और ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के जरिए उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यूपी को मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय व वैश्विक हब बनाना है।

आयुष्मान योजना और स्वास्थ्य सुधार के परिणाम

मुख्यमंत्री ने गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना को जीवनदायिनी बताया। उन्होंने कहा कि पहले संसाधनों के अभाव में गरीबों का इलाज बीच में ही छूट जाता था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों के पास आयुष्मान गोल्डन कार्ड हैं। इसके जरिए प्रति परिवार ₹5 लाख तक का निशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आए सुधारों के कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • मातृ-शिशु मृत्युदर: यूपी में संस्थागत प्रसव अब राष्ट्रीय औसत के बराबर पहुंच गया है, जिससे मृत्युदर में भारी गिरावट आई है।

  • बीमारियों पर नियंत्रण: एक समय मानसून के दौरान इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया और कालाजार जैसी बीमारियां कहर बरपाती थीं, लेकिन अब इन पर प्रभावी नियंत्रण पा लिया गया है।

  • टीबी मुक्त अभियान: राज्य के कई जनपद टीबी को पूरी तरह नियंत्रित करने की दिशा में सफल रहे हैं।

भविष्य का रोडमैप

मुख्यमंत्री ने UP Healthtech Conclave 1.0 में विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश जल्द ही चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार तकनीक और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर नागरिक को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा मिल सके। अंत में, उन्होंने निवेशकों को आश्वासन दिया कि यूपी सरकार समयबद्ध स्वीकृति और हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है।

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