UP IPS Transfer 2027:उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस और प्रशासन के अहम पदों पर लंबे समय से तैनात अधिकारियों के तबादले हो सकते हैं। चुनाव आयोग की सामान्य व्यवस्था के तहत तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह तैनात अफसरों को हटाया जाता है।
इस प्रक्रिया के दायरे में एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश समेत कई पुलिस कमिश्नर और अन्य अधिकारी आ सकते हैं। चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े पदों पर तैनाती को देखते हुए इन अधिकारियों के स्थानांतरण की तैयारी मानी जा रही है।
कार्यकाल की तारीख तय
यूपी विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 मई 2027 को खत्म होना है। चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले के लिए तीन साल की अवधि विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने वाले महीने की आखिरी तारीख के आधार पर देखी जाती है।
इसी आधार पर 31 मई 2027 को कटऑफ मानकर तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों की सूची तैयार की जा सकती है। शासन स्तर पर भी चुनाव से पहले कुछ अहम बदलाव होने की संभावना है।
फील्ड में बदलाव संभव
2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी पुलिस में फील्ड पोस्टिंग पर तैनात करीब 20 आईपीएस अधिकारियों को भी हटाया जा सकता है। इनमें नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का नाम शामिल बताया जा रहा है।
इसके अलावा मुरादाबाद रेंज के डीआईजी मुनिराज जी, लखनऊ कमिश्नरेट की डीसीपी रवीना त्यागी और कानपुर कमिश्नरेट में तैनात श्रवण कुमार सिंह भी संभावित तबादलों की सूची में बताए गए हैं।
कई जिलों के अफसर
संभावित तबादलों की सूची में नोएडा में तैनात रवि शंकर निम और चित्रकूट के एसपी अरुण कुमार सिंह का नाम भी बताया गया है।
इसके अलावा वाराणसी में तैनात प्रमोद कुमार, आगरा में तैनात अतुल कुमार शर्मा द्वितीय और सोनम कुमार, कानपुर में तैनात रविंद्र कुमार तथा वाराणसी में तैनात श्रुति श्रीवास्तव के नाम भी चर्चा में हैं।
कमिश्नरेट में भी बदलाव
आजमगढ़ में तैनात चिराग जैन और कानपुर कमिश्नरेट में तैनात शिवा सिंह का नाम भी संभावित बदलाव वाली सूची में बताया गया है। लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात अमित कुमावत और वाराणसी कमिश्नरेट में तैनात नीतू भी इस दायरे में आ सकती हैं।
नोएडा में तैनात एडीसीपी प्रीति यादव, वाराणसी में तैनात एडीसीपी श्रुति श्रीवास्तव और पीलीभीत में तैनात विक्रम दाहिया के नाम भी सूची में शामिल बताए गए हैं।
चुनाव से पहले प्रक्रिया
चुनाव आयोग की ओर से चुनाव से जुड़े अधिकारियों की तैनाती को लेकर सामान्य तौर पर लंबे कार्यकाल वाले अधिकारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया से जुड़े पदों पर अधिकारियों की तैनाती को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखना होता है।
फिलहाल जिन अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं, उनके तबादले को लेकर अंतिम आदेश जारी होना बाकी है। शासन और चुनाव आयोग की प्रक्रिया के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

