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यूपी में लॉजिस्टिक्स क्रांति: जल और सड़क परिवहन से वैश्विक बाजारों तक पहुंचेगा ‘ब्रांड यूपी’

UP Logistics Policy 2022: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब रेल परिवहन के साथ-साथ जल और सड़क मार्ग के जरिए प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने में जुट गई है। राज्य की नई लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2022 निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसके तहत निजी कंपनियों को भारी सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता दी जा रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य व्यवसायियों को ट्रेनों की तुलना में सस्ती माल ढुलाई और सीधे बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है।

अब तक तीन बड़ी कंपनियों ने प्रदेश के 15 महत्वपूर्ण स्थानों पर कार्गो टर्मिनल स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। मुरादाबाद से पीतल उत्पादों का निर्यात शुरू होना और हापुड़ में टर्मिनल का निर्माण अंतिम चरण में होना, इस नीति की शुरुआती सफलता को दर्शाता है।

सस्ता और सुलभ परिवहन: निजी कंपनियों की भागीदारी

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना माल ढुलाई को न केवल सुगम बल्कि किफायती बनाने की भी है। नई नीति के तहत निवेशक अपनी प्राइवेट ट्रेनें चला सकेंगे और भारतीय रेलवे के कोच का भी उपयोग कर पाएंगे। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन कार्गो टर्मिनल्स के बनने से गिट्टी, मोरंग, बालू, पीतल और खेल सामग्री जैसे उत्पादों की सप्लाई न केवल भारत के विभिन्न राज्यों में होगी, बल्कि बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों और अन्य विदेशी बाजारों तक भी इनकी पहुंच आसान हो जाएगी।

निजी कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार परियोजना लागत का 15 से 20 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। यह अनुबंध 30 वर्षों के लिए होगा, जिसके बाद बुनियादी ढांचा सरकार को वापस सौंप दिया जाएगा।

इन जिलों में बिछेगा कार्गो टर्मिनल्स का जाल

UP Logistics Policy 2022 हब के रूप में उत्तर प्रदेश को विकसित करने के लिए कई जिलों को चिन्हित किया गया है। मेसर्स अवनि परिधि माईनिंग व मिनरल्स प्राईवेट लिमिटेड ने अकेले 13 जिलों के लिए आवेदन किया है, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रमुख शहर: लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, और गोरखपुर।

  • औद्योगिक क्षेत्र: गौतम बुद्ध नगर, मेरठ, आगरा और अलीगढ़।

  • अन्य केंद्र: सुल्तानपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर और आजमगढ़।

मुरादाबाद में मेसर्स हिन्द टर्मिनल प्राईवेट लिमिटेड को पहले ही 19.07 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के लिए ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी किया जा चुका है।

आर्थिक विकास और रोजगार की नई राह

इस UP Logistics Policy 2022 पहल से उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों (ODOP) को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। जब माल ढुलाई की लागत कम होगी, तो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। परिवहन विभाग के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राधेश्याम के अनुसार, रेलवे की भूमि पर और निजी भूमि पर बनने वाले इन टर्मिनल्स से हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह नीति उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

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