UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 के लिए कमर कस ली है। चुनाव की निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए ‘अंतिम मतदाता सूची’ तैयार करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसी क्रम में आयोग ने एक कड़ा निर्देश जारी करते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां 28 मार्च तक रद्द कर दी हैं। अब रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों के दिन भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे ताकि निर्धारित समय-सारिणी के भीतर शत-प्रतिशत त्रुटिहीन वोटर लिस्ट का प्रकाशन सुनिश्चित किया जा सके। यह निर्णय आयोग द्वारा अंतिम सूची की तारीख में दो बार बदलाव किए जाने के बाद लिया गया है।
समय-सारिणी में बदलाव और नई चुनौतियां
UP Panchayat Election की अंतिम मतदाता सूची पहले 6 फरवरी को जारी होनी थी, लेकिन विभिन्न कारणों और आपत्तियों के निस्तारण में लग रहे समय के कारण अब इसे 28 मार्च 2026 को जारी किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची की शुद्धता से कोई समझौता न किया जाए।
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार:
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कुल ड्राफ्ट मतदाता: लगभग 12.69 करोड़
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नए जुड़े मतदाता: 41 लाख
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दावे और आपत्तियां: अब 20 फरवरी तक दर्ज कराई जा सकेंगी।
गोंडा जिले का हाल: कहीं उत्साह, कहीं सुस्ती
UP Panchayat Election वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय स्तर पर आंकड़ों में बड़ा अंतर देखा गया है। गोंडा जिले की ड्राफ्ट सूची के अनुसार, जिले में औसतन 6.22 प्रतिशत मतदाताओं की वृद्धि हुई है।
ब्लॉक का नाम |
मतदाता वृद्धि (%) |
स्थिति |
कटरा बाजार |
11.90% |
उल्लेखनीय प्रदर्शन |
हलधरमऊ |
10.72% |
बेहतर जागरूकता |
झंझरी |
1.80% |
सबसे पिछड़ा |
इटियाथोक |
1.85% |
जन-जागरूकता की कमी |
झंझरी और इटियाथोक जैसे ब्लॉक में कम वृद्धि का मुख्य कारण जागरूकता की कमी और बीएलओ स्तर पर ढिलाई माना जा रहा है। इसके समाधान के लिए अब स्कूल-कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
शुद्धता पर जोर: आधार लिंकिंग और वेरिफिकेशन
आयोग का मुख्य लक्ष्य ‘डुप्लीकेट’ मतदाताओं को बाहर करना है। अकेले सदर तहसील क्षेत्र में लगभग 50 हजार फर्जी या शिफ्ट हो चुके नाम काटे गए हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारियों ने अपील की है कि मतदाता अपने बीएलओ को आधार कार्ड नंबर जरूर उपलब्ध कराएं। इससे एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह होने की संभावना खत्म हो जाएगी।
UP Panchayat Election अप्रैल-मई में प्रस्तावित हैं, ऐसे में प्रशासन के पास अब समय कम है। यही कारण है कि निर्वाचन कार्य में लगे कर्मियों को मार्च के अंत तक बिना किसी ब्रेक के काम करना होगा।







