UP Police Bharti Controversy: उत्तर प्रदेश में 32,689 सिपाही पदों पर निकली नई भर्ती ने लाखों युवाओं को राहत देने के बजाय नाराज कर दिया है। इसकी सबसे बड़ी वजह सामान्य वर्ग के लिए तय की गई 18 से 22 साल की उम्र सीमा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का कहना है कि कोरोना काल और पिछले कई वर्षों से भर्तियां न निकलने के कारण वे अब उम्र की सीमा से बाहर हो गए हैं। ऐसे युवाओं की मांग है कि सरकार कम से कम तीन साल की विशेष आयु छूट दे, ताकि वे भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
सोशल मीडिया से लेकर राजनीति तक गूंज
यह मामला अब सिर्फ छात्रों और अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रह गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर #UPP_Age_Relaxation लगातार ट्रेंड कर रहा है। कोचिंग संस्थान, छात्र संगठन और हजारों युवा इस फैसले के खिलाफ खुलकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। धीरे-धीरे यह मुद्दा राजनीति तक भी पहुंच गया है।
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सिपाही भर्ती में आयु सीमा बढ़ाने की मांग की है। हैरानी की बात यह है कि सत्ता पक्ष के नेता भी इस मुद्दे पर युवाओं के समर्थन में नजर आ रहे हैं। भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी मुख्यमंत्री को चिट्ठी भेजकर युवाओं की बात गंभीरता से सुनने का आग्रह किया है।
दूसरे राज्यों से तुलना कर उठ रहे सवाल
अभ्यर्थी लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि यूपी में सिपाही भर्ती की उम्र सीमा देश में सबसे सख्त क्यों है। उनका कहना है कि बिहार में सिपाही बनने के लिए उम्र सीमा 18 से 25 साल है। मध्य प्रदेश में यह सीमा 18 से 33 साल तक जाती है, जबकि हरियाणा में 18 से 25 साल तक का मौका मिलता है। इसके उलट यूपी में 22 साल की उम्र पार करते ही युवा ओवरएज घोषित कर दिए जाते हैं, जो उनके भविष्य के साथ अन्याय है।
पदों की संख्या को लेकर भी नाराजगी
युवाओं का गुस्सा सिर्फ उम्र सीमा तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि 2018 के बाद पहली बार पीएसी और जेल वार्डन जैसे पदों पर भर्ती निकली है। कोरोना काल में कई छात्र परीक्षा ही नहीं दे पाए थे। पिछली बार जब करीब 60 हजार पद निकले थे, तब लगभग 50 लाख आवेदन आए थे। ऐसे में अब सिर्फ 32 हजार पदों की भर्ती को युवा “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसा बता रहे हैं। उनकी मांग है कि पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम एक लाख की जाए।
भर्ती बोर्ड की चुप्पी से बढ़ा रही नाराजगी
जब इस पूरे विवाद पर भर्ती बोर्ड के चेयरमैन से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बोर्ड की ओर से सिर्फ इतना कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया आरक्षण नियमों के अनुसार चल रही है। उम्र सीमा को लेकर कोई साफ जवाब न मिलने से अभ्यर्थियों की नाराजगी और बढ़ गई है।
फिलहाल यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और 30 जनवरी 2026 इसकी आखिरी तारीख है। अब सभी की नजरें सरकार पर टिकी हैं कि वह युवाओं की मांगों को मानती है या यह विरोध और तेज होता है।







