UP Police Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,000 से अधिक आरक्षी और समकक्ष पदों पर निकली बंपर भर्ती ने जहां प्रदेश के युवाओं में उत्साह भरा है, वहीं आयु सीमा की पाबंदी ने लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। वर्तमान में सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित 22 वर्ष की आयु सीमा को बढ़ाने के लिए अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक मंच पर नजर आ रहे हैं। देवरिया से बीजेपी विधायक शलभमणि त्रिपाठी और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भावुक पत्र लिखकर युवाओं के दर्द को साझा किया है। दोनों नेताओं ने तर्क दिया है कि सालों से तैयारी कर रहे योग्य युवा महज कुछ महीनों या वर्षों के अंतर से इस सुनहरे अवसर से वंचित हो रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।
बीजेपी विधायक की भावुक अपील: “न्याय की उम्मीद”
बीजेपी विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में युवाओं की आर्थिक और मानसिक स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि UP Police भर्ती की तैयारी करने वाले अधिकांश युवा बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं।
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मुख्य मांग: सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को कम से कम 3 वर्ष की छूट दी जाए।
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तर्क: सालों की कड़ी मेहनत के बाद यदि कोई युवा केवल उम्र के कारण रेस से बाहर हो जाता है, तो यह उसके और उसके परिवार के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है।
चंद्रशेखर आजाद ने उठाया सभी वर्गों का मुद्दा
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी इस मुहिम को धार दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह असंतोष किसी एक खास वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी—हर वर्ग का युवा आयु सीमा में विस्तार चाहता है।
“प्रदेश को एक ऊर्जावान पुलिस बल की जरूरत है, और हजारों सक्षम युवा केवल तकनीकी कारणों से बाहर हो रहे हैं। सरकार को जनहित में तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।” – चंद्रशेखर आजाद
अभ्यर्थियों के बीच बढ़ता असंतोष
UP Police भर्ती की आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक युवाओं का आक्रोश देखने को मिल रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भर्तियों के अंतराल के कारण कई युवाओं की उम्र सीमा समाप्त हो गई है। ऐसे में ‘कोविड काल’ के बाद अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी विशेष रियायत मिलनी चाहिए।
| पद का नाम | कुल नियुक्तियां (लगभग) | वर्तमान आयु सीमा (सामान्य) | प्रस्तावित मांग |
| आरक्षी (PAC/जेल वार्डर) | 32,000+ | 22 वर्ष | 25 वर्ष |
क्या होगा अगला कदम?
सत्ता और विपक्ष के नेताओं की इस संयुक्त घेरेबंदी के बाद अब गेंद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पाले में है। इससे पहले भी प्रदेश सरकार ने युवाओं के हित में नियमावली में बदलाव किए हैं, इसलिए अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि जल्द ही आयु सीमा में 3 साल की छूट का आधिकारिक ऐलान हो सकता है।
