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UP ration card: राशन लेने वालों के लिए राहत, अब ‘गरीबों’ का हक मारने वाले ‘अमीरों’ को ऐसे पकड़ेगी सरकार

UP ration card

UP ration card: उत्तर प्रदेश में राशन के वितरण में गड़बड़ी रोकने और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने के लिए राज्य सरकार ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस सिस्टम के माध्यम से अब उन लोगों को चिन्हित किया जा सकेगा, जो पात्र नहीं होने के बावजूद राशन का लाभ उठा रहे थे। कानपुर जिले में आपूर्ति विभाग ने शहरवासियों से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने का आह्वान किया है ताकि अपात्रों को पकड़ा जा सके और सरकारी राशन केवल असली जरूरतमंदों तक पहुंचे। इस कदम से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं का सही तरीके से लाभ मिलेगा।

ई-केवाईसी प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों की गंभीरता

जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर कानपुर में ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है। इसके तहत सभी ration card धारकों को ई-पॉस मशीन के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। ई-केवाईसी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन केवल पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे और अपात्र लोग इससे वंचित रहें। अधिकारी ने बताया कि इस सत्यापन से यह पता चलेगा कि राशन कार्ड में दर्ज परिवार के सदस्य सही हैं या नहीं और क्या वे वास्तविक रूप से वर्तमान में मौजूद हैं।

फरवरी तक करें ई-केवाईसी

राकेश कुमार ने जानकारी दी कि शासन के आदेशानुसार ई-केवाईसी प्रक्रिया को तीन महीने के लिए बढ़ाया गया है। जिन ration card धारकों ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनके लिए यह अंतिम मौका है। वे फरवरी 2025 तक किसी भी कोटेदार के पास जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। यह प्रक्रिया न करने वाले व्यक्तियों को बाद में राशन मिलने में कठिनाई हो सकती है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि ई-केवाईसी के बिना राशन कार्ड धारकों की जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अभी भी बड़ी संख्या में लोग ई-केवाईसी से बाहर

अब तक कुल 22 लाख राशन कार्ड धारकों ने ई-केवाईसी पूरी की है, जबकि 8 लाख कार्ड धारक इस प्रक्रिया से बाहर हैं। प्रशासन ने ऐसे सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी करवाएं, ताकि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। राकेश कुमार ने आगे बताया कि अब जिन कार्ड धारकों ने ई-केवाईसी नहीं कराया, उनकी जांच की जाएगी और फिर उनकी पात्रता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

ई-केवाईसी के लिए आवश्यक दस्तावेज

ई-केवाईसी कराने के लिए ration card धारकों को अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड नंबर देना होगा। इन दस्तावेजों के साथ वे किसी भी कोटेदार के पास जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। जिले में कुल 8 लाख राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें से 65,000 अंत्योदय कार्ड धारक और करीब 7.4 लाख पात्र गृहस्थी कार्ड धारक हैं। इन सभी को ई-पॉस मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है, और ई-केवाईसी के बाद ही यह प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

कोटेदारों को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि वे विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में जाकर डोर टू डोर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें और किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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