खूनी हुआ उत्तर प्रदेश: सहारनपुर और एटा में सामूहिक हत्याकांड से सनसनी, दो घरों के 9 सदस्यों की मौत।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और एटा जिलों में हुई दो भयावह घटनाओं ने प्रदेश को दहला दिया है। सहारनपुर में एक तहसीलकर्मी ने अपने ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या कर आत्महत्या कर ली, वहीं एटा में एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई।

UP crime

UP crime news: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। सरसावा थाना क्षेत्र में नकुड़ तहसील में अमीन के पद पर कार्यरत अशोक ने खौफनाक कदम उठाते हुए अपनी वृद्ध मां, पत्नी और दो मासूम बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी और अंत में खुद को भी गोली से उड़ा लिया। इस सामूहिक हत्याकांड और आत्महत्या के चलते एक ही परिवार के पांच सदस्यों का अंत हो गया। मृतकों में कक्षा नौ और दसवीं में पढ़ने वाले दो किशोर बच्चे भी शामिल थे। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मौके पर साक्ष्य जुटा रही हैं, हालांकि अभी तक इस आत्मघाती कदम के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।

सहारनपुर: खुशहाल परिवार में पसरा मातम

सहारनपुर की यह घटना सरसावा इलाके की है। जानकारी के अनुसार, अशोक को अपने पिता (UP crime) के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर नकुड़ तहसील में अमीन की नौकरी मिली थी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, परिवार में किसी बड़े विवाद की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया गया।

गांव में इस समय सन्नाटा और दहशत का माहौल है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या अशोक किसी मानसिक तनाव या आर्थिक संकट से जूझ रहा था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

एटा: घर के भीतर चार लाशें मिलने से सनसनी

सहारनपुर की घटना से महज एक दिन पहले एटा जिले के कोतवाली नगर में भी इसी तरह की रूह कँपा देने वाली वारदात हुई थी। यहाँ एक पूर्व चिकित्सक डॉ. गंगा सिंह (70), उनकी पत्नी श्यामा देवी (65), बहू रत्ना देवी (43) और पोती ज्योति (23) की उनके ही घर के भीतर हत्या कर दी गई।

इस घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार का सबसे छोटा बच्चा देवांश स्कूल (UP crime) से घर लौटा। उसने घर में अजीब सन्नाटा देखा और जब ऊपर के कमरे में गया, तो वहां पंखा चल रहा था और फर्श पर खून से लथपथ शव पड़े थे। डॉ. सिंह का शव भूतल पर मिला, जबकि अन्य सदस्यों के शव पहली मंजिल पर बिखरे पड़े थे।

पुलिस की कार्रवाई और अनसुलझे सवाल

इन दोनों ही घटनाओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और सामाजिक मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एटा मामले में पुलिस लूटपाट या रंजिश के एंगल से जांच कर रही है, जबकि सहारनपुर मामले में ‘घरेलू कलह’ को संभावित कारण (UP crime) माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों की उच्च स्तरीय जांच जारी है और दोषियों को पकड़ने या कारणों को स्पष्ट करने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

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