Uttar Pradesh के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के मीटर अब पोस्टपेड मोड में बदले जाएंगे। बिजली विभाग ने इसके लिए 9 मई की रात से प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है, जो 10 मई तक पूरी कर ली जाएगी। इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बिलिंग से जुड़ी कई समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
एक रात में पूरी होगी प्रक्रिया
बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने की तकनीकी प्रक्रिया बेहद आसान है और इसे एक रात में पूरा कर लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को इसके लिए अलग से कोई आवेदन नहीं करना होगा। सिस्टम से ही मीटर का मोड अपडेट कर दिया जाएगा।
बचा हुआ बैलेंस बिल में जुड़ जाएगा
प्रीपेड मीटर धारकों के मन में सबसे बड़ा सवाल बची हुई राशि को लेकर था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के मीटर में मौजूद बैलेंस सुरक्षित रहेगा। जब मीटर पोस्टपेड में कन्वर्ट होगा, तब यह राशि अगले बिजली बिल में एडजस्ट कर दी जाएगी। इसकी पूरी जानकारी बिल में दिखाई जाएगी।
पूर्वांचल में 30 लाख से ज्यादा उपभोक्ता प्रभावित
पूर्वांचल क्षेत्र में 30 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हुए हैं। वाराणसी जोन के 11 डिविजनों में करीब 2.20 लाख उपभोक्ता इससे जुड़े हैं। पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी शंभु कुमार खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और मीटर लगाने वाली कंपनियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।
रिचार्ज नहीं कराने वालों पर भी नजर
जांच में सामने आया कि पूर्वांचल के करीब 4 लाख उपभोक्ता लंबे समय से मीटर रिचार्ज नहीं करा रहे थे। इनमें से कई मामलों में बिजली चोरी की पुष्टि हुई, जबकि कुछ स्थानों पर मीटर लगे होने के बावजूद परिसर खाली पाए गए। विभाग ने ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की है।
सिक्योरिटी मनी फिर से ली जाएगी
पोस्टपेड सिस्टम लागू होने के बाद उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी मनी ली जाएगी। यह राशि बिजली बिल में जोड़कर भेजी जाएगी। बड़े उपभोक्ताओं के लिए किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जाएगी।
स्मार्ट मीटरों की खामियों पर उठे सवाल
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। परिषद का कहना है कि पहले की जांच में जो तकनीकी कमियां मिली थीं, वे अब भी बरकरार हैं। इनमें एसएमएस अलर्ट में देरी, चेक मीटर में गड़बड़ी और नेटवर्क संबंधी समस्याएं शामिल हैं। परिषद ने उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए सुधार की मांग की है।
