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UP Strawberry Farming: UP के कई जिलों में बढ़ेगी स्ट्रॉबेरी की खेती, जानें किस जिले को मिलेगा कितना लक्ष्य

UP Strawberry Farming: उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत प्रदेश के 39 जिलों में स्ट्रॉबेरी की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत पूर्वांचल के छह जिलों को भी शामिल किया गया है।

छह जिलों में 35 हेक्टेयर का लक्ष्य

पूर्वांचल में कुल 35 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्ट्रॉबेरी की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों को कुल 28 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये की सहायता निर्धारित की गई है।

सोनभद्र को सबसे बड़ा लक्ष्य मिला है। यहां 8 हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी की खेती होगी और इसके लिए 6.40 लाख रुपये का अनुदान निर्धारित है। चंदौली और भदोही को 6-6 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। दोनों जिलों के लिए 4.80-4.80 लाख रुपये की सहायता तय है।

मीरजापुर में भी 6 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती का लक्ष्य है, जिसके लिए 4.80 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं वाराणसी में 5 हेक्टेयर के लिए 4 लाख रुपये और जौनपुर में 4 हेक्टेयर के लिए 3.20 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

पहले आवेदन करने वालों को प्राथमिकता

योजना का लाभ प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर दिया जाएगा। यानी निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले किसानों में पहले आवेदन करने वालों को प्राथमिकता मिलेगी। चयनित लाभार्थियों को विभागीय नियमों के अनुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

स्ट्रॉबेरी की खेती करने के इच्छुक किसान संबंधित विभाग की वेबसाइट पर कार्यक्रमवार पंजीकरण कर आवेदन कर सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेंद्रदेव दुबे के अनुसार, जिले को 6 हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी की खेती का लक्ष्य मिला है और इच्छुक किसान निर्धारित प्रक्रिया के तहत योजना का लाभ ले सकते हैं।

योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी की लाभकारी फसलों से जोड़ना और प्रदेश में स्ट्रॉबेरी उत्पादन का क्षेत्र बढ़ाना है।

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